आतंकी डॉक्टर उमर नबी दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी का नया CCTV फुटेज सामने आया जिसमें वह धमाके से पहले तुर्कमान गेट स्थित मस्जिद में टहलते हुए दिखा। जांच में खुला बड़ा आतंकी नेटवर्क और जैश-ए-मोहम्मद के कनेक्शन।
आतंकी डॉक्टर उमर नबी दिल्ली धमाके से पहले आतंकी उमर नबी तुर्कमान गेट मस्जिद में 15 मिनट तक रुका, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश
डॉक्टर उमर नबी दिल्ली धमाके से पहले तुर्कमान गेट स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद में करीब 15 मिनट तक रुका था। सीसीटीवी फुटेज में उसे मस्जिद के पास टहलते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। यह घटना धमाके से कुछ समय पहले हुई थी, जो यह संकेत देती है कि वह इलाके की रेकी कर रहा था या किसी से मिलने आया था।
लाल किले धमाके का खुलासा

डॉ. उमर नबी दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके का मुख्य संदिग्ध पाया गया है। DNA परीक्षण से पुष्टि हुई कि विस्फोटक कार चला रहा वही था। वह पुलवामा का रहने वाला एक चिकित्सक था जो जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूह से जुड़ा था। धमाका 10 नवंबर को हुआ जिसमें 12 लोग मारे गए।
धमाके से पहले उमर नबी का मस्जिद में रहना
सीसीटीवी फुटेज में उमर नबी धमाके से कुछ मिनट पहले पुरानी दिल्ली की फैज़-ए-इलाही मस्जिद में 10-15 मिनट टहलता दिखा। वहां से वह लाल किले की तरफ गया। मस्जिद में उसकी मौजूदगी से जांच एजेंसियों को धमाके की योजना में और विस्तार का संदेह है।
दिल्ली धमाका डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल
जांच में पता चला कि डॉ. उमर नबी सहित कई डॉक्टर फरीदाबाद में सक्रिय थे, जो जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े थे। इस नेटवर्क ने दिल्ली और आसपास आतंक फैलाने की कोशिश की। कड़ी कार्रवाई में कई डॉक्टर गिरफ्तार किए गए।
धमाके की योजना और बाबरी मस्जिद बरसी पर हमला
डॉ. उमर नबी का बड़ा टेरर प्लान था कि वह 6 दिसंबर, बाबरी मस्जिद विध्वंस की
बरसी पर भारी विस्फोट करके पूरे देश को दहलाए। लेकिन सुरक्षा
एजेंसियों की सख्ती से यह साजिश नाकाम हो गई। उसका उद्देश्य अयोध्या में बड़ा हमला करना था।
विस्फोट की तकनीकी जांच और विस्फोटक की खराबी
प्राथमिक जांच में यह संकेत मिला कि विस्फोटक उपकरण ठीक से विकसित नहीं था,
जिससे धमाका अपेक्षाकृत कम व्यापक हुआ। यह भी पता चला कि
धमाका आत्मघाती हमला नहीं था बल्कि गड़बड़ी होने के कारण विस्फोट हुआ।
धमाके के बाद उमर का फरार होना और पुलिस की जांच
धमाके के बाद उमर नबी फरार हो गया था और सीसीटीवी में उसे कई जगहों पर देखा गया।
पुलिस ने उसका सफर माइंड मैपिंग कर उसकी हरकतों को ट्रैक किया।
फरीदाबाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस दबाव के कारण उसने धमाका कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों का आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश
सुरक्षा एजेंसियों ने इस आतंकी साजिश को बड़ी वारदात घोषित कर
देश भर में जांच तेज कर दी। डॉक्टर उमर सहित कई आतंकियों के संबंध
पाकिस्तान-आधारित आतंकवादी संगठनों से मिले। दिल्ली पुलिस ने
इस नेटवर्क को “व्हाइट कॉलर टेरर” के रूप में दर्शाया।









