पंचांग 8 नवंबर 2025 का पंचांग विस्तृत रूप में, मार्गशीर्ष माह कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, राहुकाल, भद्रा और आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त सहित सम्पूर्ण जानकारी। जानिए सूर्योदय-सूर्यास्त समय, चंद्रमा स्थिति, और शुभ मुहूर्त जैसे अभिजित, विजय, अमृत काल, तथा अशुभ मुहूर्त जैसे राहुकाल, यमगंड, गुलिकाल, और दुर्मुहूर्त।
पंचांग 8 नवंबर तिथि: मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि प्रातः 07:32 बजे तक, तत्पश्चात चतुर्थी तिथि शुरू
मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि का धार्मिक महत्व भी बहुत है। इस तिथि को सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत मनाया जाता है, जिसमें माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने इसी दिन कठोर तप किया था, जिससे शिव जी ने उन्हें अपना अर्धांगिनी स्वीकार किया।
8 नवंबर 2025 का पंचांग परिचय

8 नवंबर 2025 का पंचांग मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि पर आधारित है। सूर्योदय का समय 06:38 बजे और सूर्यास्त 05:31 बजे है। इस दिन गणेश चतुर्थी व्रत भी है। दिनभर की तिथि, नक्षत्र, योग, करण की स्थिति जानें और अपने दैनिक कार्यों को शुभ समय पर करें।
राहुकाल और भद्रा का महत्व
राहुकाल 09:21 बजे से 10:43 बजे तक रहेगा, जो कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। भद्रा का समय सुबह 06:38 बजे से 07:32 बजे तक है। जानिए इन कालों का प्रभाव और कैसे उनसे बचाव करें। इन अवधि में शुभ कार्य टालना चाहिए।
शुभ मुहूर्त अभिजित, विजय, अमृत काल
8 नवंबर के अभिजित मुहूर्त 11:43 से 12:26 बजे तक है, विजय मुहूर्त 01:53 से 02:37 बजे तक, और अमृत काल 02:09 से 03:35 बजे तक है। ये समय शुभ कार्य करने के लिए उत्तम माने जाते हैं। पूजा, शादी, यात्रा आदि के लिए इन्हें अपनाएं।
अशुभ मुहूर्त यमगंड, गुलिकाल, दुर्मुहूर्त
यमगंड काल 01:26 बजे से 02:48 बजे तक, गुलिकाल 06:38 बजे से
08:00 बजे तक, और दुर्मुहूर्त विभिन्न समयों में रहता है।
इन कालों में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य न करें। इनका सही ज्ञान आपको नुकसान से बचाएगा।
तिथियां, नक्षत्र और करण
आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि सुबह 07:32 तक रहेगी।
नक्षत्र मृगशीर्ष से आर्द्रा तक है। करण विष्टी से कौलव तक रहेगा।
प्रत्येक पंचांग के घटक का विशेष महत्व होता है, जो दैनिक निर्णयों को प्रभावित करता है।
पंचांग के आधार पर दिनचर्या और धार्मिक अनुष्ठान
8 नवंबर को गणेश चतुर्थी व्रत का दिन है। शुभ मुहूरतों के अनुसार पूजा,
अनुष्ठान और दैनिक कार्यों को करें। राहुकाल और भद्रा से बचते हुए कार्यों की योजना बनाएं।
विशेष टिप्स और पंचांग के उपयोग से जीवन में सुधार
दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त का उपयोग कर जीवन में सफलता
और सौभाग्य को बढ़ाएं। राहुकाल, भद्रा जैसे कालों से सावधान रहकर
किसी भी काम में सफलता पाएं। पंचांग का सही उपयोग आपकी मनोकामनाओं की पूर्ति में मदद करेगा।












