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राज्यसभा NDA बहुमत राज्यसभा में NDA को बड़ी बढ़त बहुमत से सिर्फ 9 सीट दूर TMC की टूट ने बदला राजनीतिक समीकरण!

राज्यसभा में NDA बहुमत के करीब, TMC की टूट से बदला राजनीतिक समीकरण
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राज्यसभा NDA बहुमत राज्यसभा में NDA को बड़ी बढ़त बहुमत से सिर्फ 9 सीट दूर TMC की टूट ने बदला राजनीतिक समीकरण!

राज्यसभा में NDA बहुमत के करीब, TMC की टूट से बदला राजनीतिक समीकरण
राज्यसभा NDA बहुमत राज्यसभा में NDA की ताकत बढ़ी, बहुमत से सिर्फ 9 सीट दूर। TMC की टूट ने संसद के राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है।

TMC में बगावत से बदला खेल

राज्यसभा NDA बहुमत राज्यसभा में NDA की संख्या कितनी?

  • हालिया राज्यसभा चुनावों और सहयोगी दलों के समर्थन के बाद NDA की ताकत में उल्लेखनीय
  • वृद्धि हुई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार NDA की प्रभावी संख्या 154 के आसपास पहुंच सकती है
  • और वह दो-तिहाई बहुमत के लिए आवश्यक 163 सीटों से मात्र 9 सीट पीछे रह सकता है।
  • यदि भविष्य में कुछ और विपक्षी सांसद इस्तीफा देते हैं या NDA को समर्थन देते हैं
  • तो यह अंतर और कम हो सकता है। यही कारण है कि राजनीतिक
  • गलियारों में राज्यसभा के बदलते गणित की चर्चा जोरों पर है।

संविधान संशोधन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बहुमत?

  • राज्यसभा में मजबूत बहुमत केवल राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। कई महत्वपूर्ण विधेयकों
  • और संविधान संशोधनों के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
  • पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मौके आए जब सरकार को पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण
  • महत्वपूर्ण प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अब यदि NDA बहुमत
  • के और करीब पहुंचता है तो उसके लिए कई नीतिगत फैसले लेना आसान हो सकता है।

लोकसभा में भी मजबूत स्थिति

  • राज्यसभा के अलावा लोकसभा में भी NDA की स्थिति पहले से मजबूत मानी जाती है। रिपोर्ट्स
  • के अनुसार TMC के बागी सांसदों का समर्थन मिलने पर NDA का आंकड़ा 300 के पार पहुंच सकता है।
  • हालांकि दो-तिहाई बहुमत के लिए अभी भी उसे काफी दूरी तय करनी होगी।
  • फिर भी विपक्ष के कमजोर होते आधार और क्षेत्रीय दलों में बढ़ती असंतुष्टि NDA के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

विपक्ष के सामने नई चुनौती

  • TMC में टूट और अन्य दलों के भीतर बढ़ती नाराजगी विपक्षी गठबंधन के लिए चिंता
  • का विषय बन गई है। विपक्ष को अब केवल चुनावी रणनीति ही नहीं बल्कि अपने सांसदों
  • और नेताओं को एकजुट रखने की चुनौती का भी सामना करना पड़ रहा है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विपक्ष अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत नहीं करता है
  • तो आने वाले समय में संसद के दोनों सदनों में उसकी प्रभावशीलता और कम हो सकती है।

आने वाले समय में क्या हो सकता है?

  • राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। राज्यसभा की कुछ सीटों पर चुनाव और
  • संभावित उपचुनाव आने वाले महीनों में होने हैं। ऐसे में NDA और विपक्ष दोनों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • यदि NDA को और समर्थन मिलता है तो वह राज्यसभा में ऐतिहासिक बहुमत हासिल करने की दिशा
  • में बड़ा कदम बढ़ा सकता है। वहीं विपक्ष के लिए यह अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की परीक्षा होगी।