मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पुष्टि की है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं और देश के अहम फैसलों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह खबर उन अफवाहों पर विराम लगाती है जिनमें कहा जा रहा था कि फरवरी के हमलों में वे गंभीर रूप से घायल या मारे गए हैं।
#मोजतबा खामेनेई ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं। फरवरी 2026 में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में उनके पिता की मौत हो गई थी और मोजतबा खुद घायल हो गए थे। उसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे, जिससे मौत की अफवाहें तेज हो गई थीं।

मार्को रुबियो ने क्या कहा?
अमेरिकी सीनेट की फॉरेन रिलेशंस कमिटी के सामने बयान देते हुए मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया:
“हमारे पास संकेत हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं और वे रणनीतिक फैसलों में तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। हालांकि उनकी सारी कम्युनिकेशन लिखित रूप में और इंटरमीडियेट के जरिए हो रही है।”
रुबियो ने यह भी कहा कि मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से इसलिए नहीं दिख रहे क्योंकि सुरक्षा कारणों से उन्हें सलाह दी गई है।
ईरान-अमेरिका डील की संभावना
- मार्को रुबियो ने ईरान के साथ समझौते की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि डील आज
- कल या अगले हफ्ते कभी भी हो सकती है, लेकिन इसके लिए ईरान को कुछ सख्त शर्तें माननी होंगी:
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलना
- जहाजों पर हमले बंद करना
- परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना
- यूरेनियम संवर्धन रोकना
अगर ईरान ये शर्तें मान लेता है तो अमेरिका आर्थिक प्रतिबंधों में राहत दे सकता है।
तनाव क्यों बढ़ा?
इस बीच ईरान ने बुधवार को कुवैत, बहरीन, इराक और एरबिल में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) ने हमले की जिम्मेदारी ली और इसे अमेरिका के केशम द्वीप हमले का जवाब बताया।
यह हमले अप्रैल 2026 के ceasefire के बावजूद तनाव बढ़ाने वाले हैं।
मोजतबा खामेनेई कौन हैं?
- मोजतबा खामेनेई (56 वर्ष) ईरान की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
- उनके पिता की मौत के बाद उन्हें सुप्रीम लीडर बनाया गया। वे कट्टरपंथी विचारधारा के लिए जाने जाते हैं
- और ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय नीतियों में मजबूत रुख रखते हैं।
- उनके घायल होने की खबरों में कहा गया था कि उनके एक पैर में गहरी चोट आई थी
- और चेहरे पर जलने के निशान भी थे, लेकिन आधिकारिक तौर पर इनकी पुष्टि नहीं हुई।
मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई की सक्रियता ईरान के अंदरूनी सिस्टम को मजबूत करने का संकेत है। हालांकि, अमेरिका-ईरान बातचीत अभी भी जटिल बनी हुई है क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे।
रुबियो ने साफ कहा कि बातचीत intermediaries के जरिए हो रही है और ईरान के अंदर भी regime में कुछ फ्रैक्चर हैं, जिससे जवाब आने में देरी होती है।
भविष्य क्या होगा?
- अगर डील होती है तो खाड़ी क्षेत्र में शांति की नई उम्मीद जगेगी।
- अगर बातचीत फेल होती है तो तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर तेल की कीमतों, वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत जैसे देशों पर भी पड़ेगा।
- भारत को ईरान के साथ चाबहार पोर्ट और ऊर्जा आयात को लेकर सतर्क रहना होगा।
मार्को रुबियो का बयान ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की स्थिति को स्पष्ट करता है। अब सारी नजरें ईरान की अगली चाल और अमेरिका के साथ होने वाली डील पर टिकी हैं। खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं।







