मोहन यादव कैबिनेट विस्तार जून 2026 कैलाश विजयवर्गीय समेत कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी नए चेहरों को मिलेगा मौका

On: May 30, 2026 7:56 AM
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मोहन यादव कैबिनेट विस्तार

मोहन यादव कैबिनेट विस्तार मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार जून 2026 में कैबिनेट विस्तार करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 20 से 30 जून के बीच बड़ा फेरबदल होने वाला है। इस बदलाव में कई पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि नए और युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी।

यह मोहन यादव सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट फेरबदल होगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत कुल 31 मंत्री हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई कई बैठकें अब रंग लाने वाली हैं।

मोहन यादव कैबिनेट विस्तार
मोहन यादव कैबिनेट विस्तार: नए मंत्रियों की सूची और विभागों का बंटवारा

मोहन यादव कैबिनेट विस्तार कैलाश विजयवर्गीय का भविष्य क्या?

सबसे ज्यादा चर्चा कैलाश विजयवर्गीय को लेकर है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व महासचिव विजयवर्गीय को राज्यसभा भेजे जाने की प्रबल संभावना है। उन्हें कैबिनेट से हटाकर ऊपरी सदन में भेजा जा सकता है।

विजयवर्गीय 2023 के विधानसभा चुनाव में बड़े चेहरे के रूप में उभरे थे, लेकिन मुख्यमंत्री पद की रेस में मोहन यादव आगे निकल गए। अब पार्टी उन्हें नई जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।

किन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी?

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कम से कम 5-6 मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर किया जा सकता है। जिन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा है:

  • विजय शाह: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विवादित बयान के कारण पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार टिप्पणी की थी।
  • राधा सिंह (पंचायती राज्य मंत्री)
  • प्रतिमा बागरी (शहरी प्रबंधन राज्य मंत्री)
  • दिलीप अहिरवार (वन राज्य मंत्री)

इनके अलावा कुछ अन्य मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं।

नए चेहरों को मिल सकता है मौका

कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। चर्चा में शामिल प्रमुख नाम:

  • शैलेंद्र जैन या प्रदीप लारिया (सागर जिले से)
  • प्रमुराम चौधरी (ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट के करीबी)
  • बृजेंद्र प्रताप सिंह (पूर्व मंत्री)
  • इसके अलावा महिला और आदिवासी समुदाय से भी नए चेहरों को शामिल करने की कोशिश होगी।
  • पार्टी युवा, ऊर्जावान और प्रदर्शन करने वाले विधायकों को तरजीह देना चाहती है।

क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मंत्रियों के कामकाज की गहन समीक्षा की है।
  • दिल्ली में अमित शाह, नितिन नवीन और राजनाथ सिंह से हुई मुलाकातों में इसकी रूपरेखा तय हो चुकी है।

मुख्य उद्देश्य:

  • सरकार को नई ऊर्जा देना
  • प्रदर्शन की कमी वाले मंत्रियों को हटाना
  • युवा और नई पीढ़ी को मौका देना
  • आगामी चुनावों के लिए तैयारियां मजबूत करना

राजनीतिक महत्व

  • यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है।
  • यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी चाहती है कि 2028 के विधानसभा चुनाव
  • से पहले सरकार का चेहरा तरोताजा हो जाए। साथ ही, विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों का संतुलन भी बनाए रखा जाए।
  • मध्य प्रदेश में सिंधिया गुट और मूल भाजपा गुट के बीच संतुलन बनाए रखना भी चुनौती है।
  • ऐसे में नए मंत्रियों के चयन में गुटबाजी का भी ध्यान रखा जाएगा।

क्या कहते हैं सूत्र?

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस बार परफॉर्मेंस को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा। जो मंत्री अपने विभाग में अच्छा काम नहीं कर पाए, उन्हें बाहर किया जा सकता है। वहीं, जो विधायक क्षेत्र में सक्रिय हैं और जनता के बीच लोकप्रिय हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

मोहन यादव कैबिनेट विस्तार जून 2026 मध्य प्रदेश की राजनीति में नया अध्याय साबित होगा। कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज नेता की भूमिका बदल सकती है, तो कई नए चेहरों को अपनी किस्मत आजमाने का मौका मिलेगा।

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