भगवंत मान लेटेस्ट न्यूज पंजाब में आवारा कुत्तों का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अपना स्टैंड बदल लिया है। पहले उन्होंने आवारा कुत्तों के सफाए की बात कही थी, जिसकी काफी आलोचना हुई। अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के 19 मई 2026 के आदेश का अक्षरशः पालन करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 23 मई 2026 को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा:

भगवंत मान लेटेस्ट न्यूज भगवंत मान ने क्या कहा?
“पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के 19 मई, 2026 के आदेश का अक्षरशः पालन करेगी। अदालत के निर्देशों के अनुसार, हम भीड़भाड़ वाले सभी सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाएंगे ताकि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार डर के बिना घूम सकें।”
उन्होंने आगे लिखा कि सरकार पर्याप्त संख्या में कुत्तों के आश्रय स्थल (Shelters) बनाएगी और उनकी ठीक से देखभाल करेगी। पागल (Rabid), लाइलाज बीमार या खतरनाक एवं आक्रामक कुत्तों के मामले में कानून के अनुसार दया-मृत्यु (Euthanasia) जैसे कदम उठाए जाएंगे, लेकिन यह पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और ABC Rules के तहत ही होगा।
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की बेंच (जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया) ने फैसला दिया कि:
- मानव जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
- पागल, लाइलाज बीमार या खतरनाक कुत्तों को पशु चिकित्सक की जांच के बाद euthanasia की अनुमति।
- स्कूल, अस्पताल, पार्क और भीड़भाड़ वाले इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर्स में रखा जाएगा।
- सामान्य कुत्तों का सामूहिक सफाया नहीं, बल्कि नियमित ABC (Animal Birth Control) कार्यक्रम चलाया जाएगा।
यह फैसला पूरे देश में आवारा कुत्तों से होने वाले हमलों और बच्चों-बुजुर्गों पर हो रहे काटने के मामलों को देखते हुए आया है।
पहले क्या कहा था भगवंत मान?
इससे पहले भगवंत मान ने आवारा कुत्तों के सफाए (Elimination) का अभियान चलाने की बात कही थी। उनके बयान पर पशु प्रेमियों, एनजीओ और विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की। कई लोगों ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या बताया। अब यू-टर्न लेते हुए उन्होंने कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए संतुलित रुख अपनाया है।
पंजाब में समस्या कितनी गंभीर?
पंजाब में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई शहरों में बच्चों और महिलाओं पर कुत्तों के हमले के मामले सामने आ रहे हैं। सड़कों, पार्कों और स्कूलों के आसपास कुत्तों के झुंड लोगों में डर पैदा कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि इस समस्या को जड़ से हल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
क्या होगा आगे?
- शेल्टर्स का निर्माण और रखरखाव।
- स्टेरिलाइजेशन और वैक्सीनेशन अभियान तेज करना।
- खतरनाक कुत्तों पर नियंत्रित euthanasia।
- पब्लिक प्लेस से कुत्तों को हटाने की प्रक्रिया।
पशु प्रेमियों और विपक्ष की प्रतिक्रिया!
कई पशु अधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि कोर्ट के आदेश का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। वे कहते हैं कि mass killing की बजाय humane तरीके से समस्या का समाधान निकाला जाए। विपक्षी पार्टियां भी सरकार पर दबाव बना रही हैं कि कोई भी कार्रवाई कानून के दायरे में ही हो।
भगवंत मान का यह यू-टर्न दिखाता है कि लोकप्रिय बयानबाजी और कानूनी वास्तविकता में फर्क है। पंजाब सरकार अब सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करेगी। इससे एक तरफ जन सुरक्षा सुनिश्चित होगी, तो दूसरी तरफ पशु क्रूरता भी रोकी जा सकेगी।