पेट्रोल डीजल लेटेस्ट रेट पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मई 2026 में तीसरी बार बढ़ोतरी हो गई है। आम उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर बोझ बढ़ गया है। तेल कंपनियों ने आज 23 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में औसतन 80-95 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। यह मई महीने में तीसरा इजाफा है, जिससे ट्रांसपोर्ट, सामान की ढुलाई और रोजमर्रा की लागत प्रभावित होने वाली है।

पेट्रोल डीजल लेटेस्ट रेट आज के लेटेस्ट पेट्रोल-डीजल रेट्स (23 मई 2026)
दिल्ली:
- पेट्रोल: ₹99.51 प्रति लीटर (87 पैसे बढ़ा)
- डीजल: ₹92.49 प्रति लीटर
मुंबई:
- पेट्रोल: ₹108.45 प्रति लीटर (लगभग 86 पैसे बढ़ा)
- डीजल: ₹97.XX (अपडेटेड चेक करें)
कोलकाता:
- पेट्रोल: ₹109.70+ (पहले से ज्यादा महंगा)
- डीजल: ₹96.07+
चेन्नई:
- पेट्रोल: ₹104.49+
- डीजल: ₹96.11+
अन्य शहरों जैसे बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, कानपुर आदि में भी समान बढ़ोतरी देखने को मिली है। राज्यवार टैक्स और लोकल चार्जेस के कारण कीमतें अलग-अलग रहती हैं।
मई 2026 में तीन बार क्यों बढ़े दाम?
- 15 मई — ₹3 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी (4 साल बाद)
- 19 मई — लगभग 90 पैसे प्रति लीटर इजाफा
- 23 मई — तीसरी बार 80-95 पैसे की बढ़ोतरी
इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें हैं। ब्रेंट क्रूड $100-104 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। ईरान-इजराइल तनाव, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में परेशानी और रूसी तेल पर प्रतिबंधों का असर भारत की आयात लागत पर पड़ा है।
तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) लंबे समय से घाटा सह रही थीं। अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय कीमतों का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर पास करने का फैसला किया है।
आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?
- ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने से सब्जी, फल, दूध, किराना समान महंगे हो सकते हैं।
- टैक्सी, ऑटो, कैब के किराए में इजाफा संभव।
- कृषि क्षेत्र पर बोझ — ट्रैक्टर और पंप सेट चलाने में ज्यादा खर्च।
- मंहगाई का नया दौर — CPI इन्फ्लेशन पर दबाव बढ़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमत कैसे तय होती है?
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें दैनिक आधार पर अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमत, डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, रिफाइनरी कॉस्ट और राज्य सरकारों के टैक्स (VAT + Excise) के आधार पर तय होती हैं। केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पहले कटौती की थी, लेकिन अब वैश्विक दबाव के आगे कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं।
क्या आगे और बढ़ोतरी हो सकती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्रूड ऑयल $110 के ऊपर गया तो चौथी बढ़ोतरी भी आ सकती है। हालांकि सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुछ कदम उठा सकती है, जैसे सब्सिडी या टैक्स में छूट।
बचत के टिप्स (Petrol Saving Tips)
- कार풲िंग करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाएं।
- ईंधन कुशल ड्राइविंग — अनावश्यक एक्सेलरेशन से बचें।
- CNG या इलेक्ट्रिक वाहन की ओर रुख करें जहां संभव हो।
- दो पहिया वाहन का इस्तेमाल ज्यादा करें।
- माइलेज अच्छी गाड़ी चुनें।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम आदमी के लिए चिंता का विषय है। सरकार और तेल कंपनियों को संतुलित तरीके से दाम नियंत्रित करने चाहिए ताकि महंगाई का चक्र न बढ़े। उपभोक्ताओं को भी ईंधन की बचत पर ध्यान देना होगा।
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