भारत UAE तेल डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अबू धाबी दौरे पर भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी साझेदारी हुई है। UAE अब भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 30 मिलियन बैरल (3 करोड़ बैरल) तक कच्चा तेल स्टोर कर सकेगा। यह डील भारत की ऊर्जा सुरक्षा को नई मजबूती देगी, खासकर जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है।
डील की मुख्य बातें!
16 मई 2026 को जारी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, Indian Strategic Petroleum Reserves Limited (ISPRL) और Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) के बीच स्ट्रैटेजिक सहयोग समझौता हुआ।

- UAE भारत के भंडारण सुविधाओं में 30 मिलियन बैरल तक क्रूड ऑयल रख सकेगा।
- भारत के स्ट्रैटेजिक रिजर्व में UAE की भागीदारी बढ़ेगी।
- फुजैरा (UAE) में भी भारतीय स्ट्रैटेजिक रिजर्व के लिए तेल भंडारण की संभावना।
- LNG, LPG और कच्चे तेल की लॉन्ग-टर्म सप्लाई पर सहमति।
- Indian Oil Corporation और ADNOC के बीच LPG सप्लाई का नया समझौता।
यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है।
भारत UAE तेल डील PM मोदी और मोहम्मद बिन जायद की मुलाकात
- प्रधानमंत्री मोदी ने UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मुलाकात की।
- दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और होर्मुज स्ट्रेट में निर्बाध नेविगेशन पर जोर दिया।
- भारत ने UAE पर हालिया हमलों की निंदा की और एकजुटता जताई।
- PM मोदी की यह यात्रा छोटी लेकिन बेहद अहम रही, जिसमें रक्षा, ऊर्जा, निवेश और समुद्री सहयोग पर कई समझौते हुए।
भारत को क्या मिलेगा फायदा?
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत: 3 करोड़ बैरल अतिरिक्त स्टोरेज से तेल संकट की स्थिति में भारत तैयार रहेगा।
- वर्तमान में ISPRL के पास मंगला, पदुर और विशाखापत्तनम में भंडारण सुविधाएं हैं।
- LPG सप्लाई स्थिर: भारत की घरेलू LPG जरूरत का करीब 40% UAE से आता है। नया समझौता लंबे समय तक स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
- 5 अरब डॉलर निवेश: UAE ने भारत में बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस सेक्टर में 5 बिलियन डॉलर का निवेश करने की घोषणा की।
- रक्षा और समुद्री सहयोग: डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी, शिपबिल्डिंग और समुद्री सुरक्षा पर भी अहम समझौते।
वैश्विक संदर्भ क्यों महत्वपूर्ण?
- पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की अस्थिरता के कारण तेल की
- कीमतें और सप्लाई प्रभावित हो रही हैं। UAE भारत का भरोसेमंद साझेदार साबित हो रहा है।
- दोनों देशों ने सुरक्षित समुद्री मार्गों पर बल दिया, जो भारत के 80% से ज्यादा तेल आयात के लिए जरूरी हैं।
विशेषज्ञों की राय
- ऊर्जा विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील भारत को तेल आयात में विविधता और सुरक्षा दोनों देगी।
- ADNOC पहले से ही भारत में तेल स्टोर कर रहा था, अब क्षमता बढ़ने से दोनों देशों को फायदा होगा।
- UAE को भी स्थिर बाजार मिलेगा और भारत को इमरजेंसी में प्राथमिकता।
भारत-UAE संबंधों की गहराई
- UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार है। पिछले साल दोनों देशों
- के बीच 85 बिलियन डॉलर का व्यापार हुआ। 35 लाख से ज्यादा भारतीय UAE में रहते हैं।
- PM मोदी की यात्रा इन संबंधों को नई ऊंचाई दे रही है।
PM मोदी की UAE यात्रा और ऊर्जा डील भारत की ऊर्जा सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगी। 3 करोड़ बैरल का स्ट्रैटेजिक स्टॉक, LPG की स्थिर सप्लाई और 5 बिलियन डॉलर निवेश देश को मजबूत बनाएंगे। जब दुनिया तेल संकट की चिंता में है, तब भारत स्मार्ट डिप्लोमेसी से अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है। यह डील न सिर्फ ऊर्जा बल्कि रक्षा और आर्थिक सहयोग का भी नया अध्याय है।






