NEET UG 2026 पेपर लीक नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने जयपुर के एक परिवार के तीन सदस्यों समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस परिवार के पहले चार बच्चे पहले ही NEET पास करके मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे हैं, लेकिन पांचवें बच्चे के लिए पेपर खरीदने का आरोप लगा है। यह मामला शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा की निष्पक्षता पर फिर से सवाल खड़ा कर रहा है।

NEET UG 2026 पेपर लीक CBI की बड़ी गिरफ्तारी: कौन-कौन शामिल?
CBI ने 14 मई 2026 को जयपुर के दिनेश बीवाल, उनके भाई मांगीलाल बीवाल, मांगीलाल के बेटे विकास बीवाल, गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया।
- ये तीनों बीवाल परिवार के सदस्य जयपुर जिले के जमवा-रामगढ़ क्षेत्र के रहने वाले हैं।
- CBI ने इन्हें स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद दिल्ली ले लिया है।
- विकास बीवाल पिछले साल भी NEET दे चुका है लेकिन फेल हो गया था।
- इस बार सफलता की उम्मीद कम होने के कारण परिवार ने कथित तौर पर गलत रास्ता अपनाया।
कैसे हुआ पेपर लीक का खेल? पूरी इनसाइड स्टोरी
- 26-27 अप्रैल: दिनेश बीवाल ने यश यादव से कथित तौर पर पेपर हासिल किया।
- 29 अप्रैल: दिनेश सीकर पहुंचा और अपने नाबालिग बेटे को पेपर सौंपा, जो वहां कोचिंग कर रहा था।
- दिनेश ने यह पेपर लगभग 10 अन्य लोगों के साथ भी शेयर किया।
- सीकर की कोचिंग संस्थानों में यह पेपर व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए तेजी से वायरल हो गया।
राजस्थान पुलिस की SOG को परीक्षा से पहले ही ‘गेस पेपर’ की भनक लग गई थी। जांच में पता चला कि इस पेपर में असली NEET पेपर से काफी सवाल मिलते-जुलते थे।
सीकर के ईमेल ने खोला राज
- सीकर के एक कोचिंग संस्थान के फैकल्टी मेंबर ने वायरल गेस पेपर देखा।
- जब उन्हें शक हुआ, तो उन्होंने NTA को ईमेल भेज दिया। 8 मई को यह सूचना SOG तक पहुंची।
- SOG ने तुरंत सीकर पहुंचकर पूछताछ शुरू की और ‘आरके कंसल्टेंसी’ चलाने वाले राकेश मंडावरिया को हिरासत में लिया।
- CBI अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई में जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि बड़े-बड़े लोग इसमें शामिल हैं या नहीं।
बीवाल परिवार का मेडिकल बैकग्राउंड
यह परिवार पहले ही NEET की सफलता का उदाहरण था। परिवार के चार बच्चे 2025 में NEET पास करके अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। अब पांचवें बच्चे के लिए शॉर्टकट अपनाने का आरोप है। यह मामला दिखाता है कि कितनी मेहनत से हासिल की गई सफलता भी एक पल में संदेह के घेरे में आ सकती है।
NEET पेपर लीक: छात्रों और अभिभावकों पर असर
हर साल लाखों छात्र NEET की तैयारी करते हैं। रात-दिन की मेहनत, कोचिंग फीस, किताबें और सपनों को इस तरह के लीक से बड़ा झटका लगता है। ईमानदार छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। अभिभावक सवाल पूछते हैं – आखिर परीक्षा व्यवस्था कितनी सुरक्षित है?
NTA और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएं।
राजस्थान सरकार पर उठे सवाल
- 8-10 मई तक SOG को पेपर में समानताएं मिल चुकी थीं, फिर भी राज्य सरकार
- ने तुरंत अलर्ट या FIR दर्ज नहीं की। केवल NTA के मूल्यांकन और CBI जांच का इंतजार किया गया।
- विपक्ष और छात्र संगठन सरकार की देरी पर सवाल उठा रहे हैं।
आगे क्या?
CBI इस मामले की गहन जांच कर रही है। बड़े नेटवर्क और बड़े लोगों के नाम आने की आशंका है। NEET UG 2026 के रिजल्ट और काउंसलिंग पर भी इसका असर पड़ सकता है।
NEET पेपर लीक का यह मामला शिक्षा क्षेत्र के लिए चेतावनी है। मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाना जरूरी है। CBI की जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।










