शाहजाद भट्टी कौन है महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने राज्यव्यापी अभियान चलाकर पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े 57 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई बुधवार 14 मई 2026 को मुंबई, पुणे, नागपुर, नालासोपारा, मीरा रोड, अकोला, नांदेड, नाशिक और जलगांव समेत कई शहरों में एक साथ की गई। ATS की टीमों ने छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं।
यह अभियान पाकिस्तान से संचालित हो रहे गैंगस्टर नेटवर्कों, खासकर शाहजाद भट्टी और डोगरा गैंग के खिलाफ है। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से चेतावनी दे रही थीं कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर स्लीपर सेल तैयार किए जा रहे हैं।

शाहजाद भट्टी कौन है?
#शाहजाद भट्टी पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला करीब 45 वर्षीय व्यक्ति है। वह वर्तमान में दुबई से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है और पाकिस्तान-मध्य पूर्व के बीच यात्राएं करता रहता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार:
- भट्टी पर भारत में आतंकी भर्ती, कट्टरपंथ फैलाने और जासूसी गतिविधियों से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
- उस पर ISI (पाकिस्तान खुफिया एजेंसी) के साथ गहरे संबंध होने के आरोप हैं।
- दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में उसके खिलाफ कई FIR दर्ज हैं।
- NIA ने भी उसके खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं, जिनमें BNS की धारा 152 (देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) शामिल है।
भट्टी हाल के कई बड़े मामलों में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में चर्चा में आया है, जिसमें जालंधर में यूट्यूबर रोजर संधू पर ग्रेनेड हमला, मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में मदद और विभिन्न शहरों में आतंकी हमलों की योजना शामिल है।
सोशल मीडिया पर कैसे बनाई ‘सेना’?
- शाहजाद भट्टी सोशल मीडिया (खासकर इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म) पर बेहद सक्रिय है।
- वह भारत विरोधी प्रोपगैंडा, धार्मिक कट्टरपंथी वीडियो और लालच भरे पोस्ट शेयर करता है।
- बेरोजगार युवाओं को लक्जरी लाइफस्टाइल और आर्थिक लाभ का लालच देकर भर्ती किया जाता है।
- युवाओं को स्लीपर सेल बनाने, हथियारों की तस्करी, टारगेट रेकी और हमलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- जांच एजेंसियों के अनुसार, हवाला चैनल के जरिए पाकिस्तान से फंडिंग भी की जा रही है।
- लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ भी उसका संबंध रहा, हालांकि बाद में दोनों के बीच खटास आ गई।
- एक वीडियो में बिश्नोई द्वारा भट्टी को ईद की बधाई देने का मामला भी सामने आया था।
ATS की बड़ी कार्रवाई: क्या मिला?
- 57 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी।
- कई शहरों में एक साथ छापेमारी।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच।
- स्लीपर सेल, लोकल सपोर्ट नेटवर्क और हथियार तस्करी की आशंका पर फोकस।
यह कार्रवाई समय पर हुई है, ताकि किसी बड़े आतंकी हमले या साजिश को रोका जा सके।
अन्य राज्यों में भी भट्टी का नेटवर्क
- महाराष्ट्र ATS की इस कार्रवाई से पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था।
- UP ATS ने भी दो युवाओं को गिरफ्तार किया, जो भट्टी के निर्देश पर हमलों की योजना बना रहे थे।
- मध्य प्रदेश से भी दो युवाओं को गिरफ्तार किया गया था।
- यह दिखाता है कि भट्टी का नेटवर्क पूरे उत्तर भारत में फैला हुआ है।
चुनौतियां और आगे की रणनीति
चूंकि शाहजाद भट्टी पाकिस्तानी नागरिक है और कभी भारत नहीं आया, इसलिए उसे प्रत्यर्पित करना चुनौतीपूर्ण है। भारतीय एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय सहयोग और राजनयिक प्रयासों से उसे वापस लाने की कोशिश कर रही हैं।
सोशल मीडिया आज आतंक और कट्टरपंथ फैलाने का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। शाहजाद भट्टी जैसे तत्व युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देश की सुरक्षा को चुनौती दे रहे हैं। महाराष्ट्र ATS की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है। सोशल मीडिया पर निगरानी, युवाओं को जागरूक करना और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्कों पर सख्त एक्शन जरूरी है।










