International Nurses Day 2026 12 मई 2026 को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (International Nurses Day) मनाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस खास मौके पर नर्सों के निस्वार्थ सेवा और समर्पण के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि नर्सें पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण हैं और राष्ट्र उनके योगदान पर गर्व करता है।
यह दिन उन नर्सों को सम्मानित करने का अवसर है जो दिन-रात मरीजों की सेवा में लगी रहती हैं। आइए जानते हैं इस दिन का पूरा इतिहास, 2026 की थीम और क्यों है यह दिन खास।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस क्यों मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस हर साल 12 मई को मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था (12 मई 1820)।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल को ‘द लेडी विद द लैम्प’ भी कहा जाता है। क्रिमियन युद्ध के दौरान उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा की, अस्पतालों में स्वच्छता के मानक स्थापित किए और नर्सिंग को एक पेशे के रूप में प्रतिष्ठा दिलाई। उनकी मेहनत ने हजारों जिंदगियों को बचाया और नर्सिंग को नई दिशा दी।
International Nurses Day 2026 की थीम
इस साल 2026 की आधिकारिक थीम है: “Our Nurses. Our Future. Empowered Nurses Save Lives”
यानी “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य – सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं”।
इस थीम का उद्देश्य नर्सों को सशक्त बनाना है। जब नर्सों को बेहतर कार्य वातावरण, उचित वेतन, सुरक्षा और लीडरशिप के अवसर मिलेंगे, तभी स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत बनेगी।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का इतिहास
- 1953 में अमेरिका में पहली बार इस दिन को मनाने का प्रस्ताव आया।
- 1965 से International Council of Nurses (ICN) ने इसे मनाना शुरू किया।
- 1974 में आधिकारिक रूप से 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस घोषित किया गया।
- आज यह दिन 100 से ज्यादा देशों में धूमधाम से मनाया जाता है।
नर्सों की भूमिका – स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़
नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, नर्सें वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल का लगभग 50% हिस्सा हैं।
#नर्सों की मुख्य जिम्मेदारियां:
- मरीजों की देखभाल और वाइटल साइन मॉनिटरिंग
- दवा प्रशासन और डॉक्टरों की सहायता
- आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय
- गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल
- मरीजों और परिवारों को भावनात्मक सपोर्ट
- सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
नर्सों के सामने चुनौतियां!
नर्सों की सेवा सराहनीय है, लेकिन वे कई समस्याओं का सामना करती हैं:
- नर्सों की भारी कमी
- लंबी शिफ्ट और मानसिक तनाव
- कार्यस्थल पर सुरक्षा की कमी
- कम वेतन और सम्मान की कमी
इसीलिए इस साल की थीम विशेष रूप से सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नर्सों को सम्मान देते हुए कहा कि वे मरीजों के लिए उम्मीद की किरण हैं। उनका यह संदेश पूरे देश के नर्सिंग समुदाय के लिए प्रोत्साहन का काम कर रहा है।
इस दिन को कैसे मनाएं?
- अस्पतालों में सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण
- नर्सिंग छात्रों के लिए सेमिनार व वर्कशॉप
- स्वास्थ्य जागरूकता कैंप
- सोशल मीडिया पर धन्यवाद संदेश (#InternationalNursesDay2026)
- नर्सों के लिए स्वास्थ्य चेकअप और वेलनेस प्रोग्राम
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि उन लाखों नर्सों के प्रति आभार व्यक्त करने का मौका है जो बिना थके सेवा करती रहती हैं। अमित शाह समेत पूरे देश ने आज नर्सों के योगदान को याद किया।








