भूपेश बघेल PM तंज छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर तीखा तंज देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर करारा तंज कसा है। बघेल ने सवाल उठाया कि क्या देश के सामने आने वाला संकट चुनाव समाप्त होने के बाद ही शुरू हुआ है?
12 मई 2026 को यह बयान सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भूपेश बघेल का पूरा तंज
#भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चुनाव से पहले कुछ और कहते थे, लेकिन अब चुनाव खत्म होने के बाद संकट की बात कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा: “क्या संकट चुनाव समाप्त होने के बाद ही आया है?”
बघेल का आरोप है कि केंद्र सरकार चुनावी मौसम में जनता को आश्वासन देती है, लेकिन नतीजे आने के बाद असली स्थिति सामने आती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में पेट्रोल-डीजल, सोने-चांदी की कीमतें और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
भूपेश बघेल PM तंज PM मोदी का कौन सा बयान?
- हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली/संबोधन में आर्थिक चुनौतियों
- ऊर्जा सुरक्षा और जनता से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग
- सोने की खरीदारी टालने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात कही थी।
- भूपेश बघेल ने इसी बयान को लेकर सवाल उठाया कि अगर संकट इतना बड़ा था
- तो चुनाव के दौरान क्यों नहीं बताया गया? उन्होंने इसे “चुनावी रणनीति” करार दिया।
छत्तीसगढ़ में सियासी पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच लंबे समय से तीखी टक्कर चल रही है। भूपेश बघेल अभी भी कांग्रेस के प्रमुख चेहरे बने हुए हैं और विपक्ष की भूमिका में केंद्र सरकार पर हमले तेज कर रहे हैं।
मुख्य मुद्दे जो बघेल उठा रहे हैं:
- बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतें
- विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव
- पश्चिम एशिया संकट का असर
- जनता से की गई अपीलों पर सवाल
राजनीतिक विश्लेषण
भूपेश बघेल का यह तंज कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है कि वह चुनाव से पहले सब कुछ ठीक बताती है और बाद में संकट की बात करती है।
दूसरी तरफ भाजपा इसे विपक्ष की “नकारात्मक राजनीति” बता रही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि PM मोदी ने हमेशा राष्ट्रीय हित में फैसले लिए हैं और जनता को सच्चाई बताने का साहस दिखाया है।
संकट की असली वजह क्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल चुनौतियां इन कारणों से बढ़ी हैं:
- पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में बढ़ता तनाव
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होना
- भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव
सरकार का कहना है कि ये वैश्विक समस्याएं हैं और देश को मिलकर सामना करना होगा।
आगे क्या हो सकता है?
- छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावी तैयारियों में यह मुद्दा और गरमाएगा।
- कांग्रेस इस तंज को पूरे देश में प्रचारित कर सकती है।
- भाजपा जवाबी हमले के साथ विकास कार्यों पर फोकस करेगी।
भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि वे जनता की आवाज बनकर केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते रहेंगे।
भूपेश बघेल का PM मोदी पर तंज एक बार फिर साबित करता है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति गर्म है। चाहे केंद्र हो या राज्य, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं।
अभी देखना यह है कि यह सियासी बयानबाजी आम जनता के मुद्दों को कितना प्रभावित करती है और सरकार इस संकट से कैसे निपटती है।
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