UP Census 2027 में महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है। यदि आप घर, गाड़ी, संपत्ति या अन्य जानकारी जानबूझकर छिपाते हैं तो जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत 3 साल तक की जेल और ₹1,000 जुर्माना लग सकता है। गोरखपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में प्रगणक और अधिकारी इस बात को लेकर सतर्क हो गए हैं।
12 मई 2026 को जारी खबर के अनुसार, स्वगणना के दौरान कुछ लोगों द्वारा तथ्य छिपाने की शिकायतें आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरतने का फैसला किया है।

UP Census 2027 जनगणना अधिनियम के सख्त प्रावधान
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के मुताबिक:
- कोई भी तथ्य जानबूझकर छिपाने पर 3 साल की सजा और ₹1,000 का जुर्माना।
- प्रगणक (Enumerator) द्वारा जानकारी लीक करने पर भी समान सजा का प्रावधान।
- उत्तरदाता (जो फॉर्म भर रहा है) और प्रगणक दोनों के लिए दंड समान है।
जिला जनगणना अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि जनगणना के आंकड़ों का आयकर, संपत्ति टैक्स या अन्य सरकारी योजनाओं से कोई सीधा संबंध नहीं है। फिर भी जानकारी छिपाने की कोई जरूरत नहीं है।
प्रगणक कैसे करेंगे जांच?
गोरखपुर के चार्ज अधिकारी/एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने बताया:
- प्रगणक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे।
- अगर बड़ा मकान है लेकिन कमरे कम बताए गए तो जांच होगी।
- अगर 2-3 गाड़ियां हैं लेकिन सिर्फ एक बताई गई तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और अन्य साधनों से वेरिफिकेशन किया जाएगा।
- हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में अनियमितता पाए जाने पर प्रगणक भी जिम्मेदार होंगे।
#जनगणना 2027 में खास बातें!
- यूपी में दो चरणों में होगी जनगणना।
- पहली बार जातिगत गणना भी शामिल।
- स्वगणना (Self Enumeration) चल रही है।
- फॉर्म में कुल 34 सवाल पूछे जा रहे हैं।
जनगणना फॉर्म के हैरान कर देने वाले सवाल
जनगणना फॉर्म में कई दिलचस्प सवाल हैं:
- आपकी पत्नी कितनी हैं? — दो पत्नियां होने पर डबल फैमिली माना जाएगा।
- एक महिला के दो पति होने पर सिंगल फैमिली।
- परिवार की मुखिया कोई भी महिला हो सकती है (दादी, मां, बहू, बेटी)। उम्र की कोई सीमा नहीं।
- मुखिया का फैसला परिवार के सदस्य तय करेंगे।
क्यों जरूरी है सही जानकारी देना?
जनगणना देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के बंटवारे, चुनाव क्षेत्रों और सरकारी नीतियों के लिए आधारभूत आंकड़े तैयार करती है। गलत या छिपाई गई जानकारी से पूरे देश की प्लानिंग प्रभावित हो सकती है।
महत्वपूर्ण सलाह:
- सही और पूरी जानकारी दें।
- डरने की कोई जरूरत नहीं — जनगणना डेटा गोपनीय रहता है।
- प्रगणक के साथ सहयोग करें।
- संदेह होने पर पुनरीक्षण भी हो सकता है।
जनगणना सिर्फ एक गिनती नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। घर, गाड़ी, संपत्ति या परिवार संबंधी कोई भी जानकारी छिपाना न सिर्फ कानूनी अपराध है बल्कि देश की सही विकास योजना में बाधा भी डालता है।








