ADG की फटकार का असर! देहरादून पुलिस ने एक दिन में दर्ज किए अपहरण के 9 केस, उठे सवाल
ADG की फटकार का असर! देहरादून पुलिस ने एक दिन में दर्ज किए अपहरण के 9 केस, उठे सवाल
देहरादून पुलिस अपहरण केस ADG की फटकार के बाद देहरादून पुलिस ने एक दिन में 9 अपहरण केस दर्ज किए! महिला अपराध बढ़ने पर सवाल, क्या है हकीकत? पूरी खबर पढ़ें।
एडीजी की फटकार का असर: देहरादून में एक दिन में 9 अपहरण केस दर्ज, उठे पुलिस पर सवाल
देहरादून में महिला अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर पुलिस की सुस्ती को लेकर एडीजी ने कड़ी फटकार लगाई, जिसके तुरंत बाद एक ही दिन में 9 अपहरण के मुकदमे दर्ज हो गए। इनमें से 7 मामले महिलाओं और नाबालिग लड़कियों से जुड़े हैं, जो लंबे समय से लापता थे। इस कार्रवाई से पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों ने नई बहस छेड़ दी है।
एडीजी की फटकार का असर

देहरादून में महिला अपराध बढ़ने से पुलिस पर सवाल उठे, एडीजी ने कड़ी फटकार लगाई। अगले ही दिन 9 अपहरण केस दर्ज हुए, जिनमें 7 महिलाओं से जुड़े। यह कार्रवाई दबाव में हुई या वास्तविक, बहस छिड़ गई।
9 केसों का विवरण
पटेलनगर में 10 अगस्त से पत्नी व 2 वर्षीय बेटा लापता, शिमला बाइपास से गायब। देहराखास की 15 वर्षीय लड़की 24 अक्टूबर को स्कूल जाते गायब। कोटद्वार की 23 वर्षीय बहन 20 सितंबर से होस्टल से लापता। ये पुराने मामले अब अपहरण बने।
महिलाओं पर केंद्रित केस
देहराखास की 20 वर्षीय लड़की 24 अक्टूबर को बिना बताए गायब। भंडारी बाग की 30 वर्षीय महिला 1 अगस्त से लापता, 3 माह की तलाश बेकार। निरंजनपुर की 22 वर्षीय पत्नी 2 अक्टूबर से गायब। डाकपत्थर की 18 वर्षीय 16 अगस्त से मोबाइल ठीक कराने गई लापता।
पुरुषों के मामले भी शामिल
देहराखास के 55 वर्षीय व्यक्ति 6 मार्च से गायब, मोबाइल बंद। चंद्रबनी का भाई 22 जुलाई से लापता, 2 साल से अस्वस्थ।
इनकेसों ने संख्या पूरी की, लेकिन सवाल बरकरार।
पुलिस की सुस्ती पर सवाल
एडीजी फटकार से पहले ये मामले लापता दर्ज थे, अब अपहरण बने।
क्या दबाव में जल्दबाजी? स्थानीय असुरक्षा बढ़ी,
निवासी चिंतित। कार्यशैली सुधार की जरूरत।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने रिश्तेदारों, सहेलियों से पूछताछ तेज की।
एडीजी निर्देश पर त्वरित खोजबीन का वादा।
सभी थानों में अलर्ट, पुराने केसों पर फोकस।
सबक और सावधानियां
महिला अपराध रोकने हेतु सतर्क रहें, बच्चों पर नजर।
पुलिस जवाबदेही बढ़े, लेकिन फटकार से स्थायी सुधार जरूरी।
देहरादूनवासी सतर्क, रिपोर्टिंग में देरी न करें।