मोहाली पुलिस हिरासत मौत मोहाली पुलिस की हिरासत में एक युवा स्नैचर की मौत हो गई, जिसकी अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशा विदड्रॉल या अन्य संदेहास्पद कारणों की जांच की जा रही है। विसरा और दिल की फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी।
मोहाली पुलिस हिरासत मौत मोहाली पुलिस हिरासत में स्नैचर की मौत, पोस्टमार्टम में नशा विदड्रॉल और संदेहास्पद कारणों की तहकीकात जारी
#मोहाली के जीरकपुर थाने में पुलिस हिरासत में 23 वर्षीय स्नैचिंग आरोपी रजनीश शर्मा की शनिवार रात साढ़े नौ बजे अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उसे तुरंत डेराबस्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आरोपी के शरीर पर इंजेक्शन के कई निशान मिले, जो उसके नशे के आदी होने की ओर इशारा करते हैं।
घटना का पूरा विवरण

मोहाली के जीरकपुर थाने में पुलिस हिरासत में 23 वर्षीय स्नैचिंग आरोपी रजनीश शर्मा की शनिवार रात साढ़े नौ बजे अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। आरोपी नशे का आदी था और उसके शरीर पर इंजेक्शन के कई निशान मिले।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
रजनीश शर्मा शक्ति एनक्लेव ढकोली का निवासी था और वीआईपी रोड पर मामा के पास रहता था। पुलिस ने उसे स्नैचिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया था, जहां सीसीटीवी फुटेज से उसके चेहरे की पहचान हुई। शुरुआती पूछताछ में करीब 8 वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद थी।
प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने थाने पहुंचकर अधिकारियों से पूछताछ की और डेराबस्सी अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। शव पर चोट या मारपीट के निशान नहीं मिले। मौत का प्राथमिक कारण नशा विदड्रॉल माना जा रहा है।
फॉरेंसिक जांच का इंतजार
पोस्टमार्टम के बाद विसरा और दिल के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस ने धारा 194 के तहत केस दर्ज किया है। रिपोर्ट से पुख्ता कारण सामने आएगा,
जिसका पुलिस और परिजनों को इंतजार है।
पुलिस का पक्ष और कार्रवाई
एसएचओ सतिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी को शनिवार को
गिरफ्तार किया गया था और रात में ही तबीयत बिगड़ी। पुलिस ने सभी प्रक्रियाएं
न्यायिक निगरानी में पूरी कीं। कई स्नैचिंग मामलों के खुलासे की उम्मीद टूट गई।
मोहाली में स्नैचिंग की समस्या
मोहाली में स्नैचिंग के कई गैंग सक्रिय हैं, जिनमें चोर-स्नैचर गिरोह हाल ही में
पकड़े गए। 19 मामलों का सामना कर रहे सीरियल स्नैचर भी हिरासत में थे।
ऐसी घटनाएं स्थानीय सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं।
परिवार और सामाजिक प्रतिक्रिया
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और जीरकपुर
श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हो गया। मामला न्यायिक जांच के अधीन है।
कस्टडी मौतों पर सवाल उठते रहे हैं, हालांकि प्रारंभिक जांच में संदेहास्पद कुछ नहीं मिला।












