थैंक्यू सीबीआई भारतीय सीबीआई ने लखनऊ में साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया, अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़; US दूतावास ने सराहना की।
थैंक्यू सीबीआई भारतीय सीबीआई की लखनऊ में बड़ी कार्रवाई
#सीबीआई ने 20 नवंबर 2025 को लखनऊ के विकास नगर में छापेमारी कर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। मुख्य आरोपी विकास कुमार निमार, जो पिछले एक साल से फरार था, को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई 2024 में पुणे, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में पकड़े गए चार कॉल सेंटरों की जांच का हिस्सा थी।
सीबीआई की लखनऊ में बड़ी कार्रवाई

सीबीआई ने लखनऊ के विकास नगर में अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया, जो अमेरिकी नागरिकों को ठग रहा था। मुख्य आरोपी विकास कुमार निमार को गिरफ्तार कर 14 लाख रुपये नकद, 52 लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए। यह ऑपरेशन सितंबर 2024 से चल रही जांच का हिस्सा था।
अमेरिकी दूतावास ने की सीबीआई की तारीफ
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया पर सीबीआई को धन्यवाद देते हुए कार्रवाई की सराहना की, इसे एजेंसियों के सहयोग का उदाहरण बताया। लखनऊ के इस ऑपरेशन से अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड पर लगाम लगी। पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
विकास कुमार निमार का अपराधी इतिहास
विकास कुमार निमार एक साल से फरार था और पुणे, हैदराबाद, विशाखापट्टनम में भी कॉल सेंटर चला रहा था। लखनऊ में उसके घर से साइबर फ्रॉड के दस्तावेज बरामद हुए। वह किराए के फ्लैटों में नेटवर्क फैला रहा था।
कॉल सेंटर का संचालन कैसे हो रहा था
विकास नगर के कॉल सेंटर में डे-नाइट कॉलिंग से अमेरिकी नागरिकों को
निशाना बनाया जाता था। 52 लैपटॉप पर ग्राहक डेटा और फ्रॉड स्क्रिप्ट्स मिले।
सीबीआई ने 5 दिनों की निगरानी के बाद छापा मारा।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल
यूएस एजेंसियों की खुफिया जानकारी पर सीबीआई ने कार्रवाई की,
जो ट्रांसनेशनल साइबर क्राइम रोकने में सफल रही। गिरोह मनी लॉन्ड्रिंग
और डेटा लीक में लिप्त था। अन्य साथियों की तलाश जारी है।
साइबर फ्रॉड के खतरे और सबक
भारत से संचालित ये कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों को करोड़ों का चूना लगा रहे थे।
सीबीआई की सतर्कता से नेटवर्क ध्वस्त हुआ।
नागरिकों को फर्जी कॉल्स से सावधान रहने की जरूरत है।
भारत की साइबर सुरक्षा में मजबूती
यह कार्रवाई सीबीआई की क्षमता और वैश्विक साझेदारी को रेखांकित करती है।
लखनऊ ऑपरेशन से साइबर अपराधियों में खौफ पैदा हुआ।
भविष्य में ऐसी ठगी रोकने के प्रयास तेज होंगे।












