अरफाज डेंग घर तोड़ा उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने JDA से सवाल: पत्रकार अरफाज डेंग के घर तोड़ने का किसका आदेश? जानें पूरी घटना, जांच मांग और राजनीतिक बयान।
अरफाज डेंग घर तोड़ा सुरिंदर चौधरी का JDA पर हमला
28 नवंबर 2025 को जम्मू के नरवाल इलाके में जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने भारी पुलिस बल के साथ पत्रकार अरफाज अहमद डेंग (अरफाज डेंग) के पिता गुलाम कादिर डिंग के 40 साल पुराने एक मंजिला घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। JDA का दावा है कि यह घर उनकी जमीन पर अवैध अतिक्रमण था, लेकिन परिवार ने कहा कि कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया और कार्रवाई के दौरान उन्हें घायल कर हिरासत में लिया गया। अरफाज डेंग न्यूज सेहर इंडिया चैनल चलाते हैं और सीमा पार ड्रग तस्करी पर रिपोर्टिंग के कारण निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी का JDA को सवाल

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने JDA से सवाल किया कि पत्रकार अरफाज डेंग (अरफाज अहमद डिंग) के पिता गुलाम कादिर डिंग के नरवाल इलाके में घर किसके आदेश पर तोड़ा गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार ने कोई निर्देश नहीं दिया और JDA वाइस चेयरमैन LG द्वारा नियुक्त है। चौधरी ने LG मनोज सिन्हा से निष्पक्ष जांच और अधिकारियों के निलंबन की मांग की।
अरफाज डेंग के घर तोड़ने की घटना
28 नवंबर 2025 को JDA ने ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण हटाने के अभियान में अरफाज डेंग के पिता का 40 साल पुराना एक मंजिला घर बिना पूर्व नोटिस के बुलडोजर से गिरा दिया। स्थानीय लोगों ने इसे अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि वे दशकों से वहां रह रहे थे। चौधरी ने इसे बदले की कार्रवाई करार दिया।
सुरिंदर चौधरी का घटनास्थल दौरा
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अरफाज डेंग के ढहाए गए घर का दौरा किया और पत्रकार को न्याय का आश्वासन दिया। उन्होंने JDA को जवाब तलब किया कि किसके हुकुम पर यह कार्रवाई हुई। चौधरी ने कहा कि पुलिस LG के अधीन है और यदि CM को फाइल नहीं भेजी गई तो यह स्वतंत्र कार्रवाई है।
LG प्रशासन पर चौधरी का हमला
चौधरी ने LG प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि JDA वाइस चेयरमैन
LG द्वारा लगाया गया है और पुलिस भी उनके अधीन है। उन्होंने LG से जांच के
आदेश देने को कहा ताकि पता चले कि किसने ऑर्डर जारी किया।
चौधरी ने जोर दिया कि सरकार ‘जियो और जीने दो’ के सिद्धांत पर काम करेगी।
बीजेपी नेता रविंदर रैना पर सवाल
चौधरी ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा
कि यदि LG ने आदेश नहीं दिया तो रैना का कॉल रिकॉर्ड जांचा जाए।
उन्होंने प्रेस की आजादी पर हमले का जिक्र किया और कहा
कि सच बोलने वालों को दबाना लोकतंत्र के खिलाफ है।
राजनीतिक विवाद और जांच मांग
यह मामला सियासी तूल पकड़ चुका है, जहां चौधरी ने मुख्यमंत्री
उमर अब्दुल्ला के कहने पर जम्मू के लोगों को भरोसा दिलाया
कि बदले की राजनीति नहीं होगी। उन्होंने JDA अधिकारियों की जवाबदेही
तय करने और निलंबन की मांग की। CM ने भी JDA से केस डिटेल्स मांगी हैं।
पत्रकार सुरक्षा और भविष्य की कार्रवाई
चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा।
उन्होंने जम्मू के लोगों से भरोसा रखने को कहा और जांच पूरी होने तक
अतिक्रमण अभियान पर सवाल उठाए। मामला LG स्तर पर जांच की प्रतीक्षा में है।












