महिला रोजगार योजना नीतीश सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की 5वीं किस्त जारी कर दी है, जिसके तहत 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर देने के लिए शुरू की गई है, जिससे अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिल चुका है। राशि का उपयोग महिलाएं छोटे व्यवसाय, घर की जरूरतें और बचत के लिए कर रही हैं।
महिला रोजगार योजना: बिहार में महिलाओं को मिली रोजगार योजना की 5वीं किस्त
#महिला रोजगार योजना के तहत बिहार सरकार ने 5वीं किस्त जारी कर दी है, जिसमें 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के अवसर देना है. अब तक योजना के तहत 1 करोड़ 40 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल चुका है. राशि का उपयोग महिलाएं छोटे व्यवसाय, घर की जरूरतें और बचत के लिए कर रही हैं. आवेदन प्रक्रिया सरल है, ग्रामीण महिलाएं जीविका समूह के माध्यम से और शहरी महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन कर सकती हैं

योजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत बिहार सरकार ने 29 अगस्त 2025 को की थी. इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर देना है. योजना के तहत अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिल चुका है.
5वीं किस्त की घोषणा
नीतीश सरकार ने महिला रोजगार योजना की 5वीं किस्त जारी कर दी है. इस किस्त के तहत 10 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. यह किस्त बिहार की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए जारी की गई है.
लाभार्थियों का चयन
लाभार्थियों का चयन 6 सितंबर से पहले किया गया था. ग्रामीण महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह के माध्यम से और शहरी महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल से आवेदन कर सकती हैं. आवेदन के लिए जीविका समूह से जुड़ना आवश्यक है.
राशि का उपयोग
लाभार्थी महिलाएं इस राशि का उपयोग छोटे व्यवसाय, घर की जरूरतें और बचत के लिए कर रही हैं. सरकार का कहना है कि अगर महिलाएं छह महीने बाद भी अपना रोजगार जारी रखती हैं, तो उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी.
आवेदन प्रक्रिया
महिला रोजगार योजना के फॉर्म भरना बहुत आसान है. ग्रामीण महिलाएं नजदीकी ग्राम संगठन में और शहरी महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं. फॉर्म भरने के लिए जीविका समूह से जुड़ना जरूरी है.
आर्थिक सहायता का लक्ष्य
योजना का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. इससे महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू खर्चों के लिए आर्थिक मदद प्राप्त कर सकती हैं. सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक कदम है.
भुगतान की प्रक्रिया
राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer)
के माध्यम से भेजी जाती है. सभी जिलों में लाभार्थियों के खातों का सत्यापन पूरा हो चुका है.
जिन महिलाओं को अब तक पैसे नहीं मिले,
उन्हें अपना बैंक खाता सक्रिय और ई-केवाईसी अपडेट रखना चाहिए.
योजना की अगली किस्त
अगली किस्तें अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक हर शुक्रवार को जारी की जाएंगी.
इस योजना के तहत अब तक तीन किस्तें जारी हो चुकी हैं
और कुल 1.21 करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है.
अगली किस्त 6 अक्टूबर 2025 को जारी की गई थी.
लाभार्थियों की प्रतिक्रिया
ग्रामीण इलाकों में योजना के तहत मिलने वाली राशि से कई महिलाएं स्वरोजगार शुरू कर चुकी हैं.
कई महिलाएं अब दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं.
महिलाएं इस योजना से खुश हैं और इसकी सराहना कर रही हैं.
योजना का भविष्य
यह योजना बिहार सरकार की महिलाओं को सशक्त बनाने की ऐतिहासिक पहल है.
सरकार ने आगे भी किस्तें जारी रखने का वादा किया है.
योजना के जरिए महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है. अब तक इस योजना के तहत 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की राशि मिल चुकी है. इस योजना से महिलाएं स्वरोजगार शुरू कर रही हैं और अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार कर रही हैं. सरकार ने आगे भी किस्तें जारी रखने और अधिक महिलाओं को लाभान्वित करने का वादा किया है. यह योजना बिहार की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन का एक नया युग शुरू कर रही है.












