पाकिस्तानी PM शहबाज : पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है! प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अचानक विदेश दौरे पर निकल गए, और सुरक्षा विशेषज्ञ तिलक देवाशेर ने इसका कारण बता रहे हैं – वह नहीं चाहते कि सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को औपचारिक रूप से रक्षा मंत्री बनाना पड़े।** यह खुलासा इतना बड़ा है कि इस्लामाबाद से लेकर दिल्ली तक सब हैरान हैं। अगर आप Pakistan PM Foreign Visit, Asim Munir Defence Minister, या Shahbaz Sharif vs Army सर्च कर रहे हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए है। आइए, पूरी कहानी समझते हैं।
शहबाज शरीफ का अचानक क्यों भागे विदेश?
1 दिसंबर 2025 को अचानक शहबाज शरीफ का तीन देशों का दौरा शुरू हुआ – तुर्की, सऊदी अरब और कतर। सरकारी बयान में कहा गया कि “आर्थिक सहायता और निवेश” के लिए जा रहे हैं। लेकिन तिलक देवाशेर (पूर्व RAW स्पेशल सेक्रेटरी और मशहूर लेखक) ने India Today को बताया:

“शहबाज शरीफ इसलिए देश से बाहर हैं क्योंकि वह असीम मुनीर को रक्षा मंत्री बनाने का नोटिफिकेशन साइन नहीं करना चाहते। अगर वह पाकिस्तान में रहते तो सेना के दबाव में साइन करना पड़ता।”
असीम मुनीर रक्षा मंत्री भी बन जाएंगे!
पाकिस्तान में पिछले कुछ हफ्तों से अफवाहें चल रही थीं कि जनरल असीम मुनीर अब सिर्फ COAS ही नहीं रहना चाहते – वह रक्षा मंत्रालय भी अपने पास रखना चाहते हैं। परवेज मुशर्रफ के बाद यह पहली बार होगा जब कोई आर्मी चीफ रक्षा मंत्री भी बनेगा।
फायदा:
- पूरी सिक्योरिटी पॉलिसी पर सीधा कंट्रोल
- बजट से लेकर अपॉइंटमेंट्स तक एक ही हाथ में पावर
- नवाज शरीफ और PML-N पर और दबाव
शहबाज का डर और सेना का दबाव
तिलक देवाशेर के मुताबिक:
- नवंबर के आखिरी हफ्ते में आर्मी हाउस में हाई-लेवल मीटिंग हुई थी
- मुनीर ने साफ कहा था – “मुझे रक्षा मंत्रालय चाहिए, वरना…”
- शहबाज और नवाज ने मना किया, क्योंकि इससे सिविलियन सरकार पूरी तरह खत्म हो जाएगी
- नतीजा: शहबाज ने तुरंत विदेश दौरा प्लान कर लिया ताकि नोटिफिकेशन पर साइन न करना पड़े
यह पहली बार नहीं है। 2022 में भी इमरान खान ने इसी तरह विदेश भागकर कुछ फैसले टाले थे।
पाकिस्तान में असली पावर कौन?
यह पूरा प्रकरण एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान में असली सत्ता सेना के पास है।
- प्रधानमंत्री: नाम का बॉस
- आर्मी चीफ: असली बॉस
पिछले 3 साल में असीम मुनीर ने:
- इमरान खान को जेल भिजवाया
- नवाज शरीफ को लंदन से वापस लाकर कठपुतली बनाया
- मीडिया पर पूरी पकड़ बनाई
- अब रक्षा मंत्रालय भी चाहते हैं
भारत के लिए क्या मायने?
भारतीय सुरक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है:
- अगर मुनीर रक्षा मंत्री बन गए तो LoC और बॉर्डर पर और आक्रामक नीति अपनाई जा सकती है
- कश्मीर मुद्दे पर और शोर मचेगा
- परमाणु कमांड पर भी सीधा कंट्रोल हो जाएगा – जो चिंता की बात है
आगे क्या होगा?
दो संभावनाएँ हैं:
- शहबाज 10-15 दिन विदेश घूमकर लौटेंगे और दबाव में साइन कर देंगे
- नवाज शरीफ लंदन से दखल देंगे और मामला टल जाएगा
लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि असीम मुनीर की चलेगी।
पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर साबित हो गया – वहां प्रधानमंत्री नहीं, आर्मी चीफ ही असली प्रधानमंत्री होता है। शहबाज शरीफ का विदेश भागना सिर्फ एक ड्रामा है – असली खेल तो रावलपिंडी में चल रहा है।












