नीतीश लालू वोट 1991 कहानी बिहार में नीतीश और लालू जब एक मंच पर वोट मांगते दिखे, तो 1991 की कहानी फिर याद आ गई। शिवानंद ने खोले पुराने राज और बताया तब क्या हुआ था।
नीतीश लालू वोट 1991 कहानी में दोनों नेता जनता दल के सदस्य थे और मिलकर चुनाव लड़ रहे थे
1991 के लोकसभा चुनाव के समय बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों जनता दल के सक्रिय सदस्य थे। उस वक्त नीतीश दूसरी बार बिहार की बाढ़ सीट से सांसद बने थे, जबकि लालू यादव पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उस चुनावी दौर में बिहार में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल था, और दोनों नेताओं ने मिलकर लोकसभा चुनाव की तैयारियां कीं।
1991 का पृष्ठभूमि परिचय

1991 के लोकसभा चुनाव के समय बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव एक साथ जनता दल के सदस्य थे। उस चुनाव में नीतीश दूसरी बार सांसद बने थे। शिवानंद तिवारी ने बताया कि उस दौर में दुलारचंद यादव का मोकामा क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव था, जहां कई बूथ पर उनका एकतरफा दबदबा था। इस राजनीतिक माहौल की पृष्ठभूमि समझाने वाले ब्लॉग पोस्ट।
नीतीश और लालू की दुलारचंद यादव से मुलाकात
नीतीश कुमार ने लालू यादव से कहा कि दुलारचंद यादव से मिलकर उनकी प्रभाव वाली सीटों से वोट सुरक्षित किए जाएं। लालू ने शुरुआत में इस योजना पर संदेह जताया लेकिन नीतीश के आग्रह पर वे दुलारचंद यादव के गांव गए। इस मुलाकात और रणनीति पर विस्तार से सारगर्भित ब्लॉग।
चुनाव प्रचार और वोट मांगने की रणनीति
नीतीश और लालू ने मिलकर दुलारचंद के प्रभाव वाले बूथों को ‘प्लग’
करने की योजना बनाई। इसके लिए वे बसनुमा रथ में पत्रकारों सहित कारवाँ
लेकर ताड़ तर के क्षेत्र में गए। हजारों लोगों की भीड़ में दुलारचंद ने उनका स्वागत किया।
इस रणनीति और प्रचार योजना पर ब्लॉग।
दुलारचंद यादव की हत्या और राजनीतिक असर
मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या ने उस चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।
हत्या और उसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि को जानने वाले और इसकी संबंधी विवेचना वाले ब्लॉग।
नीतीश और लालू की पुरानी दोस्ती और ताजा गठबंधन
शिवानंद तिवारी ने बताया कि 1991 में जो राजनीति और गठबंधन था,
उसका आज तक बिहार की राजनीति पर असर है। नीतीश और
लालू की पुरानी दोस्ती और गठबंधन के राज़ खोलने वाले ब्लॉग।
पुरानी तस्वीरें और यादें
नीतीश कुमार को दुलारचंद यादव द्वारा पगड़ी पहनाने की तस्वीर
और चुनावी राजनीतिक यादें साझा करने वाले ब्लॉग पोस्ट।
राजनीतिक विश्लेषण और वर्तमान संदर्भ
वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में 1991 की इस कहानी का महत्व और
उसके प्रभाव के विश्लेषण पर आधारित ब्लॉग पोस्ट। यह दिखाता है
कि कैसे पुरानी राजनीति फिर से उभरती है।









