पीएम मोदी मेरिटाइम वीक: “पढ़िए पीएम मोदी का इंडिया मेरिटाइम वीक 2025 में दिया गया प्रमुख भाषण, जिसमें भारत के समुद्री क्षेत्र की तेज प्रगति, आधुनिक नौवहन कानून, और वैश्विक समुद्री व्यापार में भारत की मजबूत स्थिति पर चर्चा की गई। जानिए भारत के ‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ और निवेश के नए अवसर।”
पीएम मोदी का इंडिया मेरिटाइम वीक 2025 में भाषण: भारत समुद्री क्षेत्र में एक चमकता सितारा

इंडिया मेरिटाइम वीक 2025 का आयोजन मुंबई में हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस वर्ष का विषय ‘सागर एक, दृष्टि एक’ था, जिसमें भारत के समुद्री क्षेत्र को लेकर वैश्विक सहयोग और विकास की दिशा पर चर्चा हुई। पीएम मोदी का यह भाषण न केवल भारत के समुद्री क्षेत्र की प्रगति का उत्सव था बल्कि भविष्य की योजनाओं को भी दर्शाता है।
भारत का समुद्री क्षेत्र: तेजी से तेजी का सफर
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत का मैरीटाइम सेक्टर अपनी पूरी ऊर्जा और गति के साथ विकास कर रहा है। 2025 साल भारत के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस साल समुद्री क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई हैं, जिनसे भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिली है। उन्होंने इस क्षेत्र में 2.2 लाख करोड़ रुपये के नए निवेशों को भी लॉन्च किया, जिससे जहाज निर्माण और बंदरगाह विकास को नई ऊर्जा मिलेगी।
आधुनिक और भविष्योन्मुखी नौवहन कानून
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने पुराने उपनिवेश काल के नौवहन कानूनों को हटा कर नए, आधुनिक कानून लागू किए हैं जो 21वीं सदी की तकनीकी और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करते हैं। ये कदम भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार में प्रतिस्पर्धा में आगे लाने के लिए अहम हैं। जहाज निर्माण के क्षेत्र में भी नए प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भारत एक प्रमुख जहाज निर्माता देश बन सके।
भारत के बंदरगाह: विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के बंदरगाह विकासशील देशों में सबसे कुशल माने जाते हैं, और कई मामलों में ये विकसित देशों के बंदरगाहों से भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं। जहाजों के औसत ठहराव समय को घटाकर 96 घंटे से 48 घंटे तक लाने में यह सफलता मिली है, जो भारत के आर्थिक और व्यापारिक हितों के लिए लाभकारी है।
‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ की दिशा में भारत
प्रधानमंत्री ने भारत के ‘समुद्री अमृत काल विजन 2047’ का उल्लेख करते हुए बताया कि यह विजन भारत को एक अग्रणी समुद्री शक्ति बनाने की दिशा में एक लंबा और महत्वाकांक्षी कदम है। इसका लक्ष्य है कि भारत न केवल एक व्यापारिक केंद्र बने, बल्कि वैश्विक समृद्धि के लिए समुद्री विकास और innovation का केंद्र भी साबित हो।
वैश्विक प्रभाव और सहयोग
इंडिया मेरिटाइम वीक 2025 में 85 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए,
जिनमें समुद्री क्षेत्र के प्रमुख कंपनियों के सीईओ, नवप्रवर्तक,
नीति निर्माता और निवेशक थे।
पीएम मोदी ने इस वैश्विक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह दर्शाता है
कि भारत को समुद्री क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी का मजबूत आधार मिल रहा है।
सतत विकास और हरित नौवहन
पीएम मोदी ने समुद्री क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी प्राथमिकता दी।
उन्होंने ‘हरित नौवहन’ की बात की, जिसका अर्थ है पर्यावरण को नुकसान
पहुंचाए बिना नौवहन गतिविधियों को बढ़ावा देना।
साथ ही उन्होंने लचीली सप्लाई चेन और समावेशी
नीली अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने का संकल्प जताया।
निष्कर्ष
इंडिया मेरिटाइम वीक 2025 में पीएम मोदी का भाषण भारत के समुद्री क्षेत्र की प्रगति,
innovation, और वैश्विक स्तर पर उसके महत्व को उजागर करता है।
उनके द्वारा उठाए गए कदम और दिए गए लक्ष्य भारत को समुद्री क्षेत्र में एक मजबूत,
स्वतंत्र और उभरती वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
यह वक्त है जब भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी जगह और प्रभाव को और भी मजबूत करे।












