UP SIR 2025 : उत्तर प्रदेश (UP) में 2025 के लिए मतदाता सूची सत्यापन (SIR) प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से अपडेट किया जाएगा। हर मतदाता से सत्यापित फॉर्म को दो प्रतियों में भरवाना अनिवार्य होगा। यह ब्लॉग पोस्ट इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी और आवश्यक कदम हिंदी में समझाता है।
UP SIR 2025 मतदाता सूची सत्यापन: क्या है SIR?
SIR यानी Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान उत्तर प्रदेश में 22 साल बाद चलाया जा रहा है। इसका मकसद मतदाता सूचियों में मौजूदा त्रुटियों को दूर कर लोगों के नामों का सटीक सत्यापन करना है। इसमें 2003 और 2025 की मतदाता सूचियों से मिलान किया जाता है।

मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया कब और कैसे होगी?
- यह प्रक्रिया 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी।
- बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र (फॉर्म) वितरित करेगा।
- प्रत्येक मतदाता को यह फॉर्म दो प्रतियों में भरना होगा। एक प्रति मतदाता के पास रहेगी और दूसरी BLO के पास जमा होगी।
- BLO कम से कम तीन बार घर-घर जाकर फॉर्म वितरित, भरवाने और जमा करने का कार्य करेगा।
- फॉर्म में 2003 से जुड़े कॉलम (जो पुराने मतदाता विवरण होंगे) और 2025 के कॉलम (नवीनतम जानकारी) भरनी होगी।
फार्म भरने में क्या जानकारी देनी होगी?
मतदाता गणना प्रपत्र में निम्नलिखित जानकारियां शामिल होंगी:
- मतदाता का नाम, एपिक नंबर, भाग नंबर, क्रम संख्या
- विधानसभा क्षेत्र और राज्य का नाम
- जन्म तिथि, आधार संख्या, मोबाइल नंबर
- माता-पिता का नाम एवं एपिक नंबर
- पति या पत्नी का नाम और एपिक नंबर
- मतदाता के पास अगर 2003 की सूची में नाम नहीं है, तो उनके अपने या परिवार के दस्तावेज जमा करने होंगे।
दस्तावेज क्या लगेंगे?
- मतदाता को कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करने होंगे अगर उनका नाम 2003 की सूची में है।
- जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं है, उन्हें नोटिस मिलेगा और वे अपनी नागरिकता साबित करने के लिए 13 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा। जैसे – जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र आदि।
महत्वपूर्ण बातें और सावधानियां!
- मतदाता सूची सत्यापन में शामिल न होने वाले या गलत जानकारी देने वालों का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
- फर्जी जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- मतदाता सूची में संशोधन के लिए दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन और ऑफलाइन स्वीकार की जाएंगी।
- अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
UP SIR 2025 के दौरान मिलने वाले लाभ
- मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित होगी।
- मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हट जाएंगे।
- नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे।
- इससे आगामी चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी होंगे।
मतदाता के लिए सुझाव
- फॉर्म भरते समय ध्यान रखें कि सभी जानकारी सही और पूरी हो।
- BLO के साथ सहयोग करें और फॉर्म भरने में मदद लें।
- नोटिस मिलने पर समय पर जरूरी दस्तावेज जमा करवाएं।
- मतदाता सूची ऑनलाइन www.voters.eci.gov.in पर भी चेक करते रहें।
उत्तर प्रदेश में SIR 2025 अभियान मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जो 22 वर्षों बाद हो रही है। इसके तहत मतदाताओं को दो प्रतियों वाले सत्यापन फॉर्म भरने होंगे, जिससे उनकी जानकारी अपडेट और सत्यापित की जा सके। यह कदम चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक बनाने में सहायक होगा। मतदाताओं द्वारा इस प्रक्रिया में पूरी सक्रियता और सही जानकारी देना आवश्यक है, ताकि उनका नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रहे।












