यूक्रेन शांति वार्ता बर्लिन में यूरोपीय नेताओं की बैठक अमेरिकी प्रस्ताव पर बड़ी प्रगति!

On: December 16, 2025 12:07 PM
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यूक्रेन शांति वार्ता

यूक्रेन शांति वार्ता : दिसंबर 2025 में जर्मनी की राजधानी बर्लिन में यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और अन्य यूरोपीय नेताओं ने हिस्सा लिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जारेड कुश्नर ने भी इस मीटिंग में अहम भूमिका निभाई। यह बैठक अमेरिका समर्थित शांति योजना पर केंद्रित थी, जिसमें यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देने का प्रस्ताव शामिल है।

बैठक की मुख्य बातें!

बर्लिन मीटिंग में अमेरिकी प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस योजना में यूक्रेन को NATO जैसे मजबूत सुरक्षा गारंटी देने की बात है, जिसमें यूरोप एक बहुराष्ट्रीय बल (मल्टीनेशनल फोर्स) का नेतृत्व करेगा। अमेरिका जमीनी सैनिक नहीं भेजेगा, लेकिन सीजफायर की निगरानी और यूक्रेन की सेना को समर्थन देगा। ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी दूतों से बातचीत को “कठिन लेकिन उत्पादक” बताया और “वास्तविक प्रगति” की उम्मीद जताई।

यूक्रेन शांति वार्ता
यूक्रेन शांति वार्ता

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि यह 2022 के रूसी आक्रमण के बाद से सबसे करीबी शांति प्रक्रिया है। उन्होंने अमेरिकी गारंटी को “बेहद महत्वपूर्ण” करार दिया और चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन गिरा तो पुतिन नहीं रुकेंगे। ब्रिटेन के पीएम कियर स्टार्मर ने जोर दिया कि बिना मजबूत सुरक्षा गारंटी के कोई समझौता विफल हो जाएगा।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस से कहा कि वह पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों से बात कर रहे हैं और क्रिसमस तक समझौते की उम्मीद है। हालांकि, क्षेत्रीय विवाद अभी भी बड़ी बाधा हैं। रूस डोनबास के कुछ हिस्सों पर कब्जा चाहता है, जबकि ज़ेलेंस्की फ्रंटलाइन फ्रीज करने और NATO सदस्यता छोड़ने को तैयार हैं, बशर्ते कानूनी रूप से बाध्यकारी गारंटी मिले।

सुरक्षा गारंटी का प्रस्ताव क्या है?

  • यूरोप नेतृत्व में बहुराष्ट्रीय बल यूक्रेन में तैनात।
  • यूक्रेन की 8 लाख सैनिकों वाली सेना को समर्थन।
  • हमले की स्थिति में यूरोपीय देशों की कानूनी प्रतिबद्धता।
  • EU में यूक्रेन की सदस्यता का समर्थन।
  • अमेरिका सीजफायर मॉनिटरिंग और हवाई-सामुद्रिक सुरक्षा में मदद।
  • कब्जे वाले क्षेत्रों को “आर्थिक फ्री जोन” बनाने का विचार।

यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे अब तक का सबसे मजबूत प्रस्ताव बताया। रूस से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन क्षेत्र और NATO मुद्दे पर मतभेद बाकी हैं।

आगे की चुनौतियां!

  • हालांकि प्रगति हुई है, लेकिन रूस के हालिया हमलों ने स्थिति जटिल बना दी है।
  • ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस बातचीत के दौरान दबाव बनाने के लिए बिजली संयंत्रों पर हमले कर रहा है।
  • यूरोपीय नेता रूसी संपत्तियों से यूक्रेन को फंडिंग पर भी सहमत होने की कोशिश कर रहे हैं।
  • यह बैठक यूरोप की बढ़ती भूमिका दिखाती है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन अमेरिका की
  • सीधी भागीदारी कम रखना चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफल हुई
  • तो रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत हो सकता है, जो चार साल से ज्यादा चल रहा है।

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