देवउठनी एकादशी 2025 पंचांग शुभ योग : आज का पंचांग 1 नवंबर 2025, देवउठनी एकादशी पर शुभ योग बना हुआ है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस ब्लॉग पोस्ट में इस खास दिन का पंचांग, देवउठनी एकादशी के महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, और इस दिन बन रहे विशेष योगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
आज का पंचांग: 1 नवंबर 2025
1 नवंबर 2025 शनिवार को कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि प्रातः 09:12 बजे तक है, उसके बाद एकादशी तिथि आरंभ होगी। इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 6:33 बजे है और सूर्यास्त शाम 5:37 बजे तक रहेगा। चंद्रमा कुम्भ राशि में है, जो आध्यात्मिक क्रियाओं के लिए उपयुक्त माना जाता है।

महत्वपूर्ण समय (शुभ मुहूर्त)
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:49 से 5:41 तक
- अभिजीत मुहूर्त: 11:42 से 12:27 तक
- अमृत काल: 11:02 से 13:30 तक
- राहुकाल: सुबह 9:00 से 10:30 तक
- यमगंड: दोपहर 1:30 से 3:30 तक
देवउठनी एकादशी का महत्व
देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है, भगवान विष्णु के चार महीने की योग निद्रा से जागने का दिन है। इस दिन से नए शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है, जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि। यह दिन चातुर्मास के समापन का भी प्रतीक है, जब भगवान विष्णु जागते हैं और सृष्टि के संचालन का पुनः आरंभ करते हैं।
#देवउठनी एकादशी की विशेषताएँ!
- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष विधि से की जाती है।
- तुलसी विवाह का शुभ मुहूर्त भी इसी दिन आता है।
- जो भक्त व्रत करते हैं, उन्हें मुनाफा, धन, और भाग्य की प्राप्ति होती है।
- इस दिन दान-पुण्य और दीपदान करने से अत्यंत शुभ फल मिलता है।
देवउठनी एकादशी पूजा विधि
- प्रातः नित्यकर्म के पश्चात स्नान करें और पीला वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थलों को गंगाजल से शुद्ध करें।
- भगवान विष्णु की प्रतिमा चित्र स्थापित करके तुलसी और शालिग्राम रखें।
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
- तुलसी जी पर कच्चा दूध चढ़ाएं और दीपक जलाकर आरती करें।
- भोग में खीर, मिश्री, और फल अर्पित करें।
- रातभर जागरण करें और भोर में ब्राह्मण को दान करें।
इस दिन बन रहे शुभ योग
2025 में देवउठनी एकादशी के दिन हंस राजयोग, रवि योग, और नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो आर्थिक समृद्धि, सफलता, और धार्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। गुरु, शनि तथा मंगल का त्रिकोण संबंध इस दिन को धन, वैभव, और साहस से सम्पन्न बनाता है।
फल और उपाय
- भूमि या गृह प्रवेश जैसे कार्य इस दिन करना शुभ होता है।
- इस दिन तुलसी विवाह कराके या देवउठनी एकादशी व्रत रखकर जीवन में सुख-समृद्धि लाई जा सकती है।
- दान-पुण्य और दीपदान से पापों का नाश और महादेव की कृपा प्राप्त होती है।












