आज चांदी का भाव : चांदी की कीमतों में आज फिर भारी उछाल देखा गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने नया ऑल-टाइम हाई बनाया और ₹3,17,100 प्रति किलोग्राम के स्तर को छू लिया। यह पिछले सेशन के क्लोज से लगभग 2% की बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी Comex पर $94.74 प्रति औंस तक पहुंचकर रिकॉर्ड स्तर पर है। 2026 की शुरुआत से ही चांदी ने निवेशकों को हैरान कर दिया है – यह सुरक्षित निवेश का सबसे पसंदीदा विकल्प बन चुकी है।
आज चांदी का भाव – लेटेस्ट अपडेट (20 जनवरी 2026)
MCX पर चांदी (मार्च 2026 कॉन्ट्रैक्ट) आज सुबह ₹3,06,499 पर ओपन हुई और जल्दी ही ₹3,17,100 के नए पीक पर पहुंच गई।
- पिछला क्लोज: ₹3,10,275 प्रति किलो
- आज का हाई: ₹3,19,949 (कुछ रिपोर्ट्स में)
- इंटरनेशनल स्पॉट: $94.24 – $94.74 प्रति औंस (लगभग 0.5-4% ऊपर)
पिछले कुछ दिनों में चांदी ने 30% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। जनवरी 2026 में ही यह ₹2.80 लाख से ₹3.17 लाख तक पहुंच गई, यानी महीने भर में 13-15%+ की तेजी। 2025 के अंत से अब तक चांदी ने 200%+ का उछाल दिखाया है, जो सोने से भी ज्यादा आकर्षक रहा।

चांदी के भाव बढ़ने के मुख्य कारण
चांदी की इस रैली के पीछे कई बड़े फैक्टर हैं:
- सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी – अमेरिका के ग्रीनलैंड पर दावा, यूरोप के साथ ट्रेड वॉर की आशंका, वेनेजुएला में अशांति और फेड पॉलिसी पर ट्रंप की आलोचना से ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में निवेशक सेफ-हेवन एसेट्स जैसे चांदी और सोने की ओर भाग रहे हैं।
- अमेरिकी डॉलर कमजोर – डॉलर इंडेक्स में गिरावट से कीमती धातुओं को फायदा मिल रहा है।
- इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत – सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और EV बैटरी में चांदी की भारी डिमांड है। 2026 में ग्लोबल सिल्वर डेफिसिट 230 मिलियन औंस तक पहुंच सकता है। चीन की सख्त एक्सपोर्ट पॉलिसी और माइनिंग में कमी से सप्लाई टाइट हो गई है।
- भू-राजनीतिक टेंशन – ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की पॉलिसी से मार्केट में ‘सेल अमेरिका’ ट्रेड्स बढ़े हैं
- जो प्रीशियस मेटल्स को बूस्ट दे रहे हैं।
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं – आगे का टारगेट
Enrich Money के CEO Ponomudy R के अनुसार, चांदी डिप्स पर मजबूत खरीदारी दिखा रही है और प्रीशियस मेटल्स में सबसे बेहतर परफॉर्मर बनी हुई है।
- अगर ₹2,95,000 के ऊपर बनी रही तो अपट्रेंड जारी रहेगा।
- ₹3,05,000 ब्रेकआउट पर टारगेट ₹3,15,000 और उससे ऊपर।
- डाउनसाइड रिस्क: ₹2,90,000 के नीचे जाने पर ₹2,85,000 तक टेस्ट हो सकता है, लेकिन वहां फिर खरीदारी आएगी।
- कई ग्लोबल एनालिस्ट्स 2026 में चांदी को $100 प्रति औंस (MCX पर ₹3.3-3.5 लाख+) तक देख रहे हैं।
- कुछ आक्रामक प्रेडिक्शन $150-$200 तक की बात कर रहे हैं
- खासकर अगर सप्लाई डेफिसिट और इंडस्ट्रियल यूज बढ़ता रहा।
निवेशकों के लिए क्या मतलब? सलाह
चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल + इन्वेस्टमेंट मेटल बन चुकी है। 2026 में यह सोने से बेहतर रिटर्न दे सकती है। लेकिन उतार-चढ़ाव भी तेज हैं – प्रॉफिट बुकिंग और ग्लोबल इवेंट्स से गिरावट आ सकती है।
- लॉन्ग-टर्म निवेशक: डिप्स पर खरीदें, क्योंकि फंडामेंटल्स मजबूत हैं।
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: ₹3,05,000 के ब्रेकआउट पर एंट्री लें, स्टॉप लॉस ₹2,90,000 के नीचे रखें।
- हमेशा अपनी रिसर्च और फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें, क्योंकि कमोडिटी मार्केट में रिस्क ज्यादा होता है।












