Third World Countries Ban अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन पर स्थायी रोक लगाने का ऐलान किया, जिसमें ग्रीन कार्ड और वीजा की सख्त समीक्षा होगी। वॉशिंगटन गोलीबारी के बाद लिया यह फैसला 27 नवंबर 2025 से लागू, अमेरिकी सुरक्षा को प्राथमिकता।
Third World Countries Ban ट्रंप का थर्ड वर्ल्ड बैन: तीसरी दुनिया के देशों पर माइग्रेशन लॉक, कौन-कौन प्रभावित?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड सैनिकों पर अफगान नागरिक द्वारा गोलीबारी के बाद तीसरी दुनिया के सभी देशों से माइग्रेशन पर स्थायी रोक लगाने का ऐलान किया। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में उन्होंने बाइडेन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्रीन कार्ड, वीजा याचिकाओं की सख्त समीक्षा और अवैध प्रवासियों को देश से निकालने का वादा किया।
ट्रंप का तीसरी दुनिया देशों पर माइग्रेशन बैन – बड़ा ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन पर स्थायी रोक लगाने की घोषणा की है, जो वॉशिंगटन में अफगान नागरिक द्वारा नेशनल गार्ड पर हमले के बाद आई। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए यह कदम जरूरी है, जिसमें ग्रीन कार्ड और वीजा की सख्त समीक्षा शामिल है। USCIS डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने पुष्टि की कि 27 नवंबर 2025 से सभी आवेदनों पर नई नीति लागू हो गई है।
कौन से देशों पर लगेगा ट्रंप का यात्रा प्रतिबंध?
ट्रंप ने जून 2025 के आदेश में 19 देशों को चिंता वाली सूची में डाला, जिनमें अफगानिस्तान, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन जैसे 12 देशों पर पूर्ण बैन है। 7 अन्य देशों पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया, जो ज्यादातर गरीब और अस्थिर हैं। भारत इस सूची में शामिल नहीं है, लेकिन ट्रंप की नीति विकासशील देशों को निशाना बना रही है।
वॉशिंगटन हमले ने क्यों ट्रिगर किया माइग्रेशन बैन?
वॉशिंगटन में अफगान नागरिक द्वारा दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर गोलीबारी ने ट्रंप को तीसरी दुनिया माइग्रेशन रोकने पर मजबूर कर दिया। ट्रंप ने इसे बाइडन की लापरवाही नीतियों का नतीजा बताया और गैर-नागरिकों को फेडरल सब्सिडी खत्म करने की बात कही। सुरक्षा सर्वोपरि बताते हुए USCIS ने हर आवेदन की गहन जांच का आदेश दिया।
तीसरी दुनिया क्या है – ट्रंप की परिभाषा और इतिहास
शीत युद्ध काल में अमेरिका-पश्चिमी ब्लॉक के अलावा तटस्थ गरीब देशों को
तीसरी दुनिया कहा गया, जो अब विकासशील राष्ट्र हैं। ट्रंप इसे असुरक्षित
और बोझिल मानते हुए माइग्रेशन बंद कर रहे हैं। अफ्रीका,
एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देश इस श्रेणी में आते हैं।
ग्रीन कार्ड होल्डर्स पर क्या असर पड़ेगा?
ट्रंप प्रशासन हर चिंताजनक देश से आए ग्रीन कार्ड की पूर्ण पुनर्समीक्षा करेगा,
जो अमेरिका के लिए खतरा साबित होने पर रद्द हो सकता है। बाइडन युग के
अवैध प्रवेश को समाप्त कर उपयोगी न होने वालों को डिपोर्ट किया जाएगा।
नई नीति 27 नवंबर से लंबित सभी मामलों पर लागू है।
ट्रंप की नीति से प्रभावित देशों की लिस्ट
प्रतिबंधित 12 देश: अफगानिस्तान, ईरान, लाओस, लीबिया,
सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला, यमन।
आंशिक बैन वाले 7 देशों में भी सख्ती बढ़ेगी। अफगान पासपोर्ट पर वीजा पूरी तरह निलंबित हो गया।
अमेरिकी सुरक्षा vs वैश्विक माइग्रेशन – ट्रंप का नया दौर
ट्रंप का बैन अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है,
पिछली नीतियों की कीमत न चुकाने का वादा करता है। इससे
पश्चिमी सभ्यता से मेल न खाने वालों को बाहर किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जलवायु परिवर्तन
और गरीबी से प्रभावित देशों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा।












