फर्जी RAW अफसर का खेल : ग्रेटर नोएडा में यूपी एसटीएफ की टीम ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भारतीय खुफिया एजेंसी RAW का अधिकारी बताकर लोगों को ठगता था। मामला बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि उसने इसी छल-कपट में एक महिला जज को भी फंसा लिया और शादी कर ली थी। आरोपी सुनीत कुमार ने लंबे समय तक अपनी फर्जी पहचान से कई लोगों को धोखा दिया और करोड़ों रुपए की ठगी की योजना बनाकर चल रहा था।
आरोपी की चालाकी और फर्जी पहचान
सुनीत कुमार खुद को कभी रॉ अधिकारी और कभी आर्मी मेजर बताता था। उसके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, फेक आईडी, चेक बुक, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड आदि बरामद हुए हैं। इसने सरकारी काम करवाने, जांच प्रभावित करने और लोगों को अपनी काबिलियत दिखाकर भरोसा दिलाने का खेल खेला। उसके फर्जी दस्तावेजों में एक आई कार्ड भी मिला, जिसपर लिखा था “केबिनेट सेक्रेट्रिएट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया”।

जज को भी फंसा लिया
इस फर्जी RAW अधिकारी की चालाकियों का सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि उसने खुद को इतना भरोसेमंद बनाया कि एक महिला जज ने इस धोखेबाज से शादी तक कर ली। महिला जज बिहार के छपरा जिले में तैनात हैं। यह मामला एसटीएफ जांच में एक खास पहलू बन गया है, और अधिकारियों को इस बात का एहसास हुआ कि यह आरोपी सामाजिक और राजनीतिक दावपेंच खेलने में निपुण था।
गिरफ्तारी और पूछताछ
एसटीएफ ने पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा में छापा मारकर सुनीत को गिरफ्तार किया। उसके पास से कई लैपटॉप, टेबलेट, फर्जी दस्तावेजों के अलावा दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित वीडियो भी मिले हैं। सुनीत के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उसके इरादों की जांच अभी भी जारी है।
ठगी का जाल और पैसों का हिसाब
- इस फर्जी अधिकारी के कब्जे से लगभग 40 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई है
- जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। आरोपी ने फर्जी कंपनी खोलकर लोगों से निवेश के नाम पर करोड़ों
- रुपए की ठगी करने का प्रयास किया था। उसकी इस ठगी की गहन जांच की जा रही है
- ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट
- इस मामले की गंभीरता को समझते हुए यूपी एसटीएफ और अन्य गुप्तचर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
- वे जांच में जुटे हैं कि आरोपी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या उसकी कोई विदेशी कड़ियां भी हैं।
- साथ ही, जांच यह भी कर रही है कि आरोपी किस हद तक दिल्ली और अन्य शहरों में सक्रिय था।








