पाक ड्रोन साजिश ऑपरेशन सिंदूर के 8 महीने बाद भी पाकिस्तान नहीं सुधरा! LoC पर बार-बार ड्रोन घुसपैठ क्यों? नई साजिश, जासूसी या पुराना सबक भूल गया? जानिए पूरी सच्चाई और सेना की सख्ती।

जम्मू-कश्मीर की नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोनों की गूंज सुनाई दे रही है। जनवरी 2026 के शुरुआती हफ्तों में पूंछ, सांबा, राजौरी और जम्मू के कई सेक्टरों में संदिग्ध ड्रोनों की घुसपैठ दर्ज की गई है। भारतीय सेना ने इन पर फायरिंग की, एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिव किए और हाई अलर्ट जारी किया। सिर्फ एक हफ्ते में 10-12 से ज्यादा ड्रोन घुसपैठ की कोशिशें हुईं। सवाल यह है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर से मिली करारी शिकस्त के बाद भी पाकिस्तान क्यों ऐसी नापाक हरकतें कर रहा है? क्या यह नई साजिश है या पाकिस्तान ने सबक भुला दिया है?

ऑपरेशन सिंदूर: वो आग जो आज भी सुलग रही है
- पिछले साल अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए
- आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
- पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी।
- भारत ने इस बार चुप नहीं बैठा।
- 6-7 मई 2025 की रात को भारतीय वायुसेना और
- मिसाइल फोर्सेस ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया।
- पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों,
- एयरबेस और कमांड सेंटर्स पर स्वदेशी हथियारों से हमले किए गए।
मुरिदके जैसे बड़े आतंकी कैंप तबाह हो गए। लश्कर-ए-तैयबा के सीनियर कमांडरों ने खुद माना कि नुकसान इतना भारी था कि वे वहां बैठ भी नहीं सकते। पाकिस्तान के कई एयरबेस क्रिपल हो गए। यह ऑपरेशन सिर्फ 4-5 दिनों का था, लेकिन इसने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया – आतंकवाद की कीमत अब बहुत महंगी होगी।
2026 में ड्रोनों की नई लहर: क्या हो रहा है?
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान कुछ महीनों तक शांत रहा,
- लेकिन जनवरी 2026 आते-आते उसकी पुरानी आदत फिर सामने आ गई।
- 9 जनवरी से लेकर अब तक LoC और IB पर दर्जनों ड्रोन साइटिंग हुईं।
- भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ कहा कि
- पाकिस्तान को ड्रोन घुसपैठ रोकने को कहा गया है।
- ये ड्रोन ज्यादातर रेकी करने, सुरक्षा में सेंध लगाने या हथियार-ड्रग्स ड्रॉप करने की कोशिश कर रहे हैं।

पाकिस्तान ऐसा क्यों कर रहा है?
- रेकी और टेस्टिंग: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अपनी एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन क्षमता को और मजबूत किया है। पाकिस्तान शायद यह जांच रहा है कि भारत की नई व्यवस्था में कितनी कमजोरी है।
- प्रॉक्सी वॉर जारी रखना: पाकिस्तान की सेना और ISI आतंकवाद को अपना स्ट्रैटेजिक टूल मानते हैं। सिंदूर से झटका लगा, लेकिन वे हार मानने वालों में से नहीं। ड्रोन सस्ता और कम रिस्क वाला तरीका है भारत को छेड़ने का।
- चीन का साथ: खबरें हैं कि पाकिस्तान चीन से ‘ड्रोन मदरशिप’ तकनीक लेने की कोशिश कर रहा है। इससे बड़े स्केल पर ड्रोन ऑपरेशन हो सकते हैं। यह नई साजिश का हिस्सा लगता है।
- भूल चुका सबक? पाकिस्तान का मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट बार-बार यही गलती करता है। 2019 की बालाकोट स्ट्राइक के बाद भी कुछ महीनों में फिर घुसपैठ शुरू हो गई थी। इतिहास खुद को दोहरा रहा है।

भारत तैयार है, पाकिस्तान को फिर महंगा पड़ेगा
भारतीय सेना अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क और सक्षम है। स्वदेशी एंटी-ड्रोन सिस्टम, हाई-पावर माइक्रोवेव हथियार और इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस तैनात हैं। LoC पर हमारे जवान दिन-रात चौकसी बरत रहे हैं।
पाक ड्रोन साजिश: निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर की आग अभी ठंडी नहीं हुई है। पाकिस्तान अगर समझता है कि ड्रोनों से भारत को परेशान कर सकता है, तो वह गलतफहमी में है। भारत अब वो देश नहीं जो सिर्फ जवाबी कार्रवाई करता है – हम पहले हमला करने की क्षमता रखते हैं और जरूरत पड़ी तो फिर दिखाएंगे। पाकिस्तान को चाहिए कि वह सबक सीखे और शांति का रास्ता अपनाए, वरना अगला ऑपरेशन और करारा होगा।












