श्रेयांका पाटिल : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आखिरकार 15 साल का सूखा खत्म कर दिया! WPL 2026 के ग्रैंड फिनाले में दिल्ली कैपिटल्स को 8 विकेट से हराकर RCB ने पहली बार महिला प्रीमियर लीग का खिताब अपने नाम किया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि स्मृति मंधाना की कप्तानी में सालों की मेहनत, आंसुओं और दर्द का फल थी। मैच खत्म होते ही पूरी टीम भावुक हो गई और सबसे इमोशनल पल तब आया जब प्लेयर ऑफ द मैच श्रेयांका पाटिल ने ट्रॉफी कैप्टन स्मृति मंधाना को समर्पित कर दी।
श्रेयांका पाटिल का दिल छू लेने वाला बयान
प्रेजेंटेशन सेरेमनी में श्रेयांका ने कहा, “यह ट्रॉफी सिर्फ मेरी या टीम की नहीं है… ये स्मृति दी (स्मृति मंधाना) के लिए है। उन्होंने बहुत कुछ झेला है। पिछले दो साल लगातार फाइनल हारने का दर्द, ट्रोलिंग, आलोचना… सब कुछ सहा है। आज ये ट्रॉफी उन्हें समर्पित है। वो हमारी कप्तान हैं, हमारी दीदी हैं और सबसे बड़ी बात… वो हमारी स्मृति दी हैं।”

श्रेयांका की आंखों में आंसू थे और पूरी RCB डगआउट तालियां बजा रही थी। स्मृति मंधाना भी भावुक हो गईं और श्रेयांका को गले लगा लिया।
फाइनल में श्रेयांका पाटिल का ऑलराउंड धमाल
- बल्लेबाजी: 18 गेंदों में नाबाद 35 रन (3 चौके, 2 छक्के)
- गेंदबाजी: 4 ओवर में 22 रन देकर 4 विकेट (WPL फाइनल में किसी स्पिनर का बेस्ट प्रदर्शन)
- प्लेयर ऑफ द मैच + प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट दोनों अवॉर्ड जीते
- श्रेयांका ने दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी को 15.3 ओवर में 138 रन पर समेट दिया।
- इसके बाद स्मृति मंधाना (50*) और सोफी डिवाइन (42) ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।
स्मृति मंधाना का संघर्ष और अब मुस्कान
- 2023: फाइनल में हार
- 2024: फाइनल में हार (एलिमिनेटर जीतकर पहुंची थीं)
- 2026: तीसरी बार फाइनल और पहली बार चैंपियन
स्मृति पर लगातार सवाल उठते थे – “मंधाना अच्छी कप्तान नहीं”, “RCB कभी नहीं जीतेगी”, “महंगा खिलाड़ी बेकार साबित हो रही”। लेकिन इस बार उन्होंने सबको करारा जवाब दिया। ट्रॉफी उठाते वक्त स्मृति की आंखों में आंसू थे और मुस्कान ऐसी जैसे सालों का बोझ उतर गया हो।
RCB का 15 साल का इंतजार खत्म
- IPL में विराट कोहली की RCB अब तक 0 ट्रॉफी
- WPL में स्मृति मंधाना की RCB ने सिर्फ 3 साल में ट्रॉफी जीत ली
श्रेयांका पाटिल अब नई सुपरस्टार
कर्नाटक की 23 साल की इस ऑफ-स्पिनर ने पूरे टूर्नामेंट में 18 विकेट लिए और फाइनल में ऑलराउंड परफॉर्मेंस दी। अब वे हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा के बाद भारत की अगली बड़ी स्पिन ऑलराउंडर बन चुकी हैं। BCCI ने भी ट्वीट किया – “श्रेयांका पाटिल = Future Star”
यह जीत सिर्फ RCB की नहीं, बल्कि हर उस लड़की की है जो सालों से ट्रोलिंग झेलकर भी मैदान पर डटी रही। स्मृति मंधाना और श्रेयांका पाटिल ने साबित कर दिया – मेहनत और धैर्य एक दिन जरूर रंग लाता है।












