सऊदी अरब मौसम न्यूज : दिसंबर 2025 में सऊदी अरब के उत्तरी क्षेत्रों में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। तबूक प्रांत के जबल अल लौज और आसपास के रेगिस्तानी पहाड़ों पर 30 साल बाद भारी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया। यह दुर्लभ घटना जलवायु परिवर्तन और असामान्य मौसम पैटर्न का नतीजा बताई जा रही है। स्थानीय लोग और पर्यटक उत्साह से बर्फ का मजा ले रहे हैं, जबकि सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटोज वायरल हो रहे हैं। इस ब्लॉग में हम इस अनोखी बर्फबारी के कारण, प्रभावित क्षेत्रों और इसके महत्व पर विस्तार से बात करेंगे।
सऊदी अरब मौसम न्यूज कब और कहां हुई यह दुर्लभ बर्फबारी?
#सऊदी अरब का तबूक क्षेत्र, जो रेगिस्तान के लिए मशहूर है, दिसंबर 2025 में ठंडी हवाओं और कम तापमान के कारण बर्फ से ढक गया। जबल अल लौज (समुद्र तल से 2,580 मीटर ऊंची चोटी) पर कई इंच मोटी बर्फ जमी। तापमान माइनस डिग्री तक गिर गया। आखिरी बार इतनी भारी बर्फबारी 1990 के दशक में हुई थी। इस बार बर्फबारी इतनी ज्यादा थी कि पहाड़ पूरी तरह सफेद हो गए, मानो कोई विंटर वंडरलैंड बन गया हो।

क्यों हुई यह अनोखी घटना?
सऊदी अरब में आमतौर पर गर्मी और रेगिस्तान का मौसम रहता है, लेकिन उत्तरी क्षेत्रों में सर्दियों में ठंड पड़ती है। इस बार पश्चिमी विक्षोभ और ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिरा। जलवायु विशेषज्ञ इसे ग्लोबल वार्मिंग का असर बता रहे हैं, जहां मौसम पैटर्न अनप्रेडिक्टेबल हो रहे हैं। तबूक और अल जौफ प्रांत में पहले भी हल्की बर्फबारी हुई है, लेकिन 30 साल बाद इतनी भारी बर्फ दुर्लभ है।
लोगों का उत्साह और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों ने बर्फ में खेलना, स्नोमैन बनाना और फोटो खिंचवाना शुरू कर दिया। कई लोग परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे। X और इंस्टाग्राम पर #SaudiSnowfall #JabalAlLawz जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि रेगिस्तानी ऊंटों के बीच बर्फ की चादर बिछी है – यह नजारा सचमुच अद्भुत है।
र्यटन पर सकारात्मक असर
- सऊदी अरब की विजन 2030 योजना में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- यह बर्फबारी तबूक क्षेत्र को नए टूरिस्ट स्पॉट बना सकती है।
- पहले से ही नियोम प्रोजेक्ट और ट्रोजेना (स्की रिजॉर्ट) में विंटर टूरिज्म पर फोकस है।
- इस प्राकृतिक घटना से अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आकर्षित हो रहे हैं।
- सरकार ने सड़कें साफ करने और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।
जलवायु परिवर्तन का संकेत?
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ मौसम घटनाएं क्लाइमेट चेंज का संकेत हैं। गर्म देशों में ठंड और बर्फबारी बढ़ रही है, जबकि कुछ जगहों पर सूखा पड़ रहा है। सऊदी अरब जैसे देशों में यह पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने का मौका है।
प्रकृति का अनोखा करिश्मा
- सऊदी अरब की यह दुर्लभ बर्फबारी 2025 की सबसे खूबसूरत घटनाओं में से एक है।
- रेगिस्तानी पहाड़ों का विंटर वंडरलैंड बनना प्रकृति के चमत्कार को दिखाता है।
- अगर आप ट्रैवल प्लान कर रहे हैं, तो तबूक जरूर विजिट करें। ऐसे नजारे बार-बार नहीं मिलते!












