राहुल गांधी बयान : राहुल गांधी ने मंत्री पद वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी पर चुनाव चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में गर्माहट बढ़ गई है। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा विधानसभा चुनाव में वोटर सूची में हेराफेरी का दावा किया है, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया, लेकिन राहुल गांधी इस मुद्दे को लगातार जनरेशन जेड (Gen-Z) जैसे युवा वर्ग के बीच उठाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी के आरोप का विवरण
#राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में व्यापक स्तर पर धोखाधड़ी की है, जिसकी वजह से मोदी चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा चुनाव में कई जगह ऐसे मतदाता पंजीकृत हैं जिनकी तस्वीरें फर्जी हैं, जैसे कि एक महिला की फोटो एक हजार से अधिक वोटर कार्ड पर दर्ज है। उनका यह भी दावा है कि राज्य में ‘वन व्यक्ति, एक वोट’ का सिद्धांत टूटा है और ‘वन व्यक्ति, अनेक वोट’ के मामले सामने आए हैं।

पीढ़ी जेड को जागरूक करने की रणनीति
- राहुल गांधी ने विशेष तौर पर बताया कि वे चुनावी गड़बड़ी को लेकर देश के युवाओं व जनरेशन
- जेड को जागरूक करेंगे ताकि युवा लोकतंत्र के प्रति सजग रहें और आने वाले समय में चुनावों
- की हकीकत जानें। उनका मानना है कि इससे लोकतंत्र बचाने में मदद मिलेगी और
- भाजपा के शासन की कमियों को जनता के सामने लाया जा सकेगा।
भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
- बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि ये आरोप झूठे और निराधार हैं।
- उनका कहना है कि कांग्रेस अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए चुनाव प्रक्रिया को बदनाम कर रही है।
- चुनाव आयोग ने भी इस आरोपों की जांच कर इसे खारिज किया है, लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि
- वे इस मामले को लेकर अपनी प्रक्रिया जारी रखेंगे और साक्ष्यों के साथ इसे जनता के सामने लाते रहेंगे।
चुनावी राजनीति में असर
यह आरोप बिहार समेत कई राज्यों के चुनावी माहौल को प्रभावित कर रहे हैं। जहां भाजपा इस तरह के आरोपों को चुनौती देकर अपनी जीत का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे को वोटरों खासकर युवाओं के बीच प्रचार का हथियार बना रही है। इस विवाद ने चुनाव अभियान को और धाराशायी करने के साथ-साथ लोकतंत्र के प्रति सवाल भी खड़े किए हैं।
- राहुल गांधी का चुनाव चोरी का आरोप और पीएम मोदी को घेरने की रणनीति वर्तमान चुनावी परिस्थितियों
- में विपक्ष की आक्रामक रूख को दर्शाती है। यह मुद्दा युवाओं को विशेष रूप से प्रभावित कर रहा है
- और आगामी चुनाव परिणामों पर इसका सीधा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
- इस विवाद के बीच जनता की जागरूकता और मतदाता सजगता लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू बन गई है।










