पीवी सिंधु की नजर : भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने एक बार फिर अपनी लंबी दौड़ की योजना साफ कर दी है। मलेशिया ओपन 2026 में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने कहा कि मेंटली स्ट्रॉन्ग रहना और इंजरी फ्री रहना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। सिंधु की नजर अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर टिकी है, जहां वे भारत के लिए एक और मेडल जीतने का सपना देख रही हैं। लंबे इंजरी लेऑफ के बाद टूर्नामेंट में वापसी करने वाली सिंधु ने जोर दिया कि शरीर को मंदिर की तरह संभालना जरूरी है और एक-एक दिन करके आगे बढ़ना उनका मंत्र है।
मलेशिया ओपन में सिंधु ने जापान की आठवीं सीड खिलाड़ी तोमोका मियाजाकी को सीधे गेमों में 21-8, 21-13 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। यह उनका सीजन का पहला टूर्नामेंट था, जहां उन्होंने लंबे रैलियों के लिए तैयार रहने और विरोधी के शॉट्स पर अलर्ट रहने की बात कही। सिंधु ने कहा, “सबसे पहले मैं हेल्थ और फिटनेस पर फोकस करूंगी। एथलीट के लिए इंजरी फ्री रहना बहुत जरूरी है। तभी आप मैदान पर 100 प्रतिशत दे सकते हैं।”

पीवी सिंधु की नजर इंजरी से वापसी और मेंटल स्ट्रेंथ की चुनौती
अक्टूबर 2025 से सिंधु किसी टूर्नामेंट में नहीं खेली थीं, क्योंकि पैर की इंजरी ने उन्हें लंबा ब्रेक लेने पर मजबूर किया। इंजरी से उबरने की प्रक्रिया में मेंटल स्ट्रेंथ का बड़ा रोल होता है। सिंधु ने खुलकर कहा, “जब आप इंजर्ड होते हैं और वापसी कर रहे होते हैं, तब मेंटली स्ट्रॉन्ग रहना सबसे जरूरी है। कभी-कभी बैड डेज आते हैं, लेकिन खुद पर भरोसा रखकर और मजबूत होकर वापस आना पड़ता है।”
- यह बात सिंधु की परिपक्वता दिखाती है। ओलंपिक मेडलिस्ट रह चुकीं सिंधु जानती हैं
- कि टॉप लेवल पर बने रहने के लिए सिर्फ स्किल ही नहीं, बल्कि मेंटल टफनेस और बॉडी केयर जरूरी है।
- उन्होंने शरीर को “मंदिर” बताया और कहा, “एक दिन एक समय पर फोकस करना है।
- मैं उम्मीद करती हूं कि फिट रहूंगी, बेस्ट दूंगी और कुछ साल और खेलूंगी।”
2028 LA ओलंपिक: लॉन्ग टर्म विजन
सिंधु ने साफ कहा कि वे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक को लंबे समय का लक्ष्य मान रही हैं, लेकिन जल्दबाजी नहीं कर रही हैं। स्टेप बाय स्टेप आगे बढ़ना उनका प्लान है। पहले ही दो ओलंपिक मेडल (रियो 2016 सिल्वर, टोक्यो 2020 ब्रॉन्ज) जीत चुकीं सिंधु भारत की सबसे सफल बैडमिंटन प्लेयर्स में से एक हैं। 2028 में अगर वे मेडल जीतती हैं, तो यह भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक होगा।
- मलेशिया ओपन में उनकी परफॉर्मेंस से साफ है कि वापसी मजबूत हो रही है।
- लंबी रैलियों में फिटनेस और अलर्टनेस दिखाकर उन्होंने साबित किया कि वे अभी भी टॉप
- फॉर्म में लौट सकती हैं। फैंस को उम्मीद है कि 2026 का पूरा सीजन सिंधु के नाम रहेगा।
भारतीय बैडमिंटन के लिए प्रेरणा
सिंधु की यह सोच युवा प्लेयर्स के लिए बड़ा सबक है। इंजरी मैनेजमेंट, मेंटल हेल्थ और लॉन्ग टर्म प्लानिंग आज के कॉम्पिटिटिव स्पोर्ट्स में जरूरी है। लक्ष्य सेन, एचएस प्रणय और किदांबी श्रीकांत जैसे प्लेयर्स के साथ सिंधु भारतीय बैडमिंटन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। 2028 ओलंपिक तक अगर सिंधु फिट और मोटिवेटेड रहती हैं, तो भारत का मेडल टैली और चमकदार हो सकता है।
- पीवी सिंधु की मलेशिया ओपन में वापसी और 2028 LA ओलंपिक पर फोकस भारतीय स्पोर्ट्
- फैंस के लिए बड़ी प्रेरणा है। मेंटली स्ट्रॉंग रहकर, इंजरी से बचकर और एक-एक दिन जीतकर वे
- फिर से इतिहास रचने की तैयारी में हैं। सिंधु फैंस के लिए यह साल एक्साइटिंग होने वाला है
- आइए सपोर्ट करें और उनके सफर को फॉलो करें!












