पीटी उषा के पति : भारतीय खेल जगत और राजनीति में एक दुखद खबर! पीटी उषा (P.T. Usha), जिन्हें ‘पय्योली एक्सप्रेस’ और ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से जाना जाता है, ने अपने जीवनसाथी वी. श्रीनिवासन को खो दिया। 30 जनवरी 2026 को सुबह श्रीनिवासन अचानक बेहोश हो गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही 67 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत पीटी उषा से फोन पर बात की और गहरा शोक व्यक्त किया। खेल मंत्री, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अधिकारी और कई पूर्व एथलीट्स ने भी संवेदना जताई है।
श्रीनिवासन का अचानक निधन: क्या हुआ था?
केरल के कोझिकोड जिले में थिक्कोडी के पास अपने घर में श्रीनिवासन शुक्रवार तड़के गिर पड़े। परिवार के सदस्यों ने उन्हें तुरंत नजदीकी प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। परिवार के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। श्रीनिवासन रिटायर्ड सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट थे और केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी थे। वे केबड्डी के पूर्व खिलाड़ी भी रहे थे।

पीटी उषा उस समय दिल्ली में संसद सत्र में थीं और घटना की खबर मिलते ही वे केरल के लिए रवाना हो गईं। दंपति की शादी 1991 में हुई थी और उनका एक बेटा उज्ज्वल है। श्रीनिवासन हमेशा पीटी उषा के खेल करियर, राजनीतिक सफर और IOA अध्यक्ष बनने में उनका मजबूत सहारा रहे। कई लोग उन्हें पीटी उषा की सफलताओं के पीछे का मुख्य प्रेरणा स्रोत मानते हैं।
पीएम मोदी का फोन कॉल: संवेदना और प्रार्थना
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से व्यक्तिगत रूप से फोन पर बात की।
- उन्होंने श्रीनिवासन के निधन पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
- पीएम मोदी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस कठिन समय में परिवार
- को मजबूती देने की बात कही। यह कॉल पीटी उषा के लिए भावनात्मक समर्थन बना
- क्योंकि मोदी जी ने खेल जगत के इस दिग्गज को सम्मान दिया।
पीएम मोदी ने कहा (रिपोर्ट्स के अनुसार): “इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।” यह कदम खेल और राजनीतिक हलकों में सराहा जा रहा है।
पीटी उषा: ‘पय्योली एक्सप्रेस’ की जीवनी और योगदान
पीटी उषा भारत की सबसे महान महिला एथलीट हैं। पद्मश्री अवॉर्डी, IOA की पहली महिला अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य। 1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल्स में वे चौथे स्थान पर रहीं, जहां कांस्य पदक सिर्फ 1/100 सेकंड से चूक गईं। एशियाई खेलों और चैंपियनशिप्स में कई गोल्ड मेडल जीते।
उनका करियर प्रेरणादायक है:
- 100m, 200m, 400m और रिले में रिकॉर्ड।
- 1986 सियोल एशियाई खेलों में 4 गोल्ड।
- राजनीति में भी सक्रिय – IOA अध्यक्ष बनकर महिला खेलों को बढ़ावा दिया।
श्रीनिवासन ने उनके इस सफर में कभी पीछे नहीं हटे। वे घरेलू जिम्मेदारियां संभालते हुए उषा को फोकस करने का मौका देते थे।
खेल जगत और राजनीति में शोक की लहर
- इस निधन पर खेल मंत्री, IOA अधिकारियों, पूर्व एथलीट्स और कई नेताओं ने शोक जताया।
- IOA ने इसे “बड़े नुकसान” बताया। पीटी उषा के फैंस और शुभचिंतक सोशल मीडिया
- पर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। कई ने लिखा: “श्रीनिवासन
- सर पीटी उषा मैम के लिए रॉक थे, उनकी कमी खलेगी।”
एक मजबूत साथी की याद
- वी. श्रीनिवासन का निधन न सिर्फ एक परिवार का बल्कि भारतीय खेल इतिहास का दुखद क्षण है।
- पीएम मोदी का फोन कॉल इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्र ऐसे व्यक्तियों और उनके परिवारों
- का सम्मान करता है। पीटी उषा अब इस दुख से उबरकर आगे बढ़ेंगी
- लेकिन श्रीनिवासन की याद हमेशा उनके साथ रहेगी।









