पीएम मोदी उदुपी भाषण : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के उदुपी स्थित श्रीकृष्ण मठ में लाख कंठ गीता पाठ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की गीता हमें निःस्वार्थ भाव से जनकल्याण के कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर सामाजिक योजनाओं तक भारत की नीतियों को निर्देशित करता है। यह कार्यक्रम जगद्गुरु माध्वाचार्य द्वारा स्थापित परंपरा का प्रतीक है, जहां ज्ञान, भक्ति और सेवा का संगम देखने को मिलता है
उदुपी श्रीकृष्ण मठ का ऐतिहासिक महत्व
उदुपी का श्रीकृष्ण मठ 800 वर्ष पुराना है, जहां भगवान कृष्ण की मूर्ति द्वारका से लाई गई थी। पीएम मोदी ने बताया कि यह मूर्ति पहले रुक्मिणी जी द्वारा पूजी जाती थी और माध्वाचार्य जी ने इसे यहां प्रतिष्ठित किया। अष्ट मठों की व्यवस्था ज्ञान, भक्ति और सामूहिक सेवा का जीवंत उदाहरण है। उदुपी को सेवा की पवित्र भूमि घोषित करते हुए मोदी ने कहा कि यहां लाखों लोगों को भोजन कराने की परंपरा आज भी जारी है ।

- पीएम ने राम जन्मभूमि आंदोलन में उदुपी की भूमिका की सराहना की।
- नए राम मंदिर में माध्वाचार्य जी के नाम पर एक भव्य द्वार बनाया गया है, जो उनके राम भक्ति को दर्शाता है।
- यह घटना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है ।
गीता के संदेश और राष्ट्रीय नीतियां
पीएम मोदी ने गीता के युद्धभूमि संदेश पर जोर दिया कि शांति और सत्य स्थापित करने के लिए दमनकारियों का अंत आवश्यक है। यह भारत की सुरक्षा नीति का मूल मंत्र है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के साथ ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ का जाप करते हुए देश दुश्मनों को सुधर्शन चक्र से जवाब देगा। मिशन सुधर्शन चक्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण स्थलों की रक्षा का कवच बनेगा ।
- लाल किले से कृष्ण की करुणा का संदेश देते हुए सामाजिक योजनाओं की घोषणा की जाती है।
- कर्नाटक के मेहनती लोगों से राष्ट्र सेवा का आह्वान किया और विकसित भारत का सपना साकार करने पर बल दिया
कार्यक्रम की विशेषताएं और संकल्प
लाख कंठ गीता पाठ में एक लाख लोग एक साथ गीता पाठ कर रहे थे, जिसे पीएम ने विश्व पटल पर भारत की दिव्यता का प्रतीक बताया। कर्नाटक गवर्नर थावर चंद गहलोत और संतों की उपस्थिति में आठ संकल्प लिए गए, जिनमें जल संरक्षण, एक पेड़ मां के नाम, प्राकृतिक खेती शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का उदाहरण बताया
- पीएम ने उदुपी की ऊर्जा से विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की कामना की।
- यह कार्यक्रम भक्ति, ज्ञान और सेवा का अनुपम संगम था
गीता के संदेश का आधुनिक महत्व
- भगवद्गीता का सार निःस्वार्थ कर्म है, जो सर्वजन हिताय कार्य को प्रेरित करता है।
- पीएम मोदी ने इसे नीतियों से जोड़ा, जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक कल्याण।
- उदुपी यात्रा से गुजरात-कर्नाटक की सांस्कृतिक एकता उजागर हुई। यह घटना लाखों भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी ।












