PM Modi–Putin LIVE PM मोदी और पुतिन ने बैठक में आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का ऐलान किया। भारत-रूस ने सुरक्षा सहयोग मजबूत करते हुए वैश्विक आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया।
PM Modi–Putin LIVE मोदी–पुतिन वार्ता में आतंकवाद पर साझा रणनीति तय, भारत और रूस ने मजबूत सुरक्षा सहयोग का संकल्प दोहराया
भारत और रूस के बीच हुई अहम बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का बड़ा ऐलान किया। दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इसके खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता है। इस LIVE अपडेट में बैठक के मुख्य बिंदु, सुरक्षा सहयोग, रणनीतिक चर्चा और आगामी योजनाओं का विस्तृत विवरण शामिल है।
आतंकवाद पर भारत–रूस का कड़ा संदेश

दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा:
- आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है
- भारत और रूस मिलकर इसके खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर कार्रवाई करेंगे
- सीमा पार आतंकवाद और आतंकी फंडिंग पर रोक के लिए विस्तृत रणनीति तैयार होगी
यह कदम अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर गंभीर चर्चा
PM मोदी और पुतिन ने रक्षा क्षेत्र में बेहतर तालमेल और संयुक्त उत्पादन पर भी बात की।
मुख्य बिंदु:
- रक्षा प्रौद्योगिकी साझा करने पर सहमति
- संयुक्त सैन्य अभ्यास को और सशक्त करने पर जोर
- आतंकवाद से निपटने के लिए इंटेलिजेंस शेयरिंग को बढ़ावा
भारत और रूस का सहयोग पहले से ही मजबूत है, लेकिन यह बैठक इसे और गहरी दिशा दे रही है।
जियोपॉलिटिकल मुद्दों पर भी बड़ी बातचीत
वार्ता में वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
- यूक्रेन संकट
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता
- ऊर्जा सहयोग और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला
दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि एक स्थिर और शांतिपूर्ण भू-राजनीतिक वातावरण ही विकास के लिए सबसे आवश्यक है।
भारत–रूस साझेदारी को नई दिशा
बैठक में कई महत्वपूर्ण MoUs और भविष्य की रणनीतियाँ भी तय की गईं।
भारत–रूस साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र:
- ऊर्जा
- व्यापार
- रक्षा
- अंतरिक्ष
- विज्ञान और तकनीक
दोनों देशों ने कहा कि रणनीतिक भागीदारी आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी।
आम नागरिकों और व्यापार के लिए क्या मायने?
भारत–रूस की मजबूत साझेदारी का आम नागरिकों पर भी असर होगा:
- ऊर्जा सुरक्षा बेहतर होगी
- रक्षा उपकरणों की सप्लाई और तकनीक में सुधार
- भारत–रूस व्यापार में बढ़ोतरी
- वैश्विक स्तर पर भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत
PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रही। आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का ऐलान दोनों देशों की सुरक्षा नीति को नई दिशा देता है। भारत–रूस संबंध हमेशा से गहरे रहे हैं और इस वार्ता ने इन रिश्तों को और अधिक मजबूत कर दिया है।











