परीक्षा पे चर्चा 2025 : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई परीक्षा पे चर्चा (PPC) कार्यक्रम ने छात्रों की जिंदगी में एक नई ऊर्जी का संचार किया है। 2025 में इसका छठा संस्करण (PPC 6) हाल ही में संपन्न हुआ, जहां लाखों छात्रों ने भाग लिया। यह इंटरैक्टिव सेशन, जहां PM मोदी छात्रों के सवालों का सीधा जवाब देते हैं, न केवल परीक्षा तनाव कम करता है बल्कि पढ़ाई को मजेदार और प्रेरणादायक बनाता है। इस ब्लॉग में हम PPC के 6 प्रमुख फायदों पर चर्चा करेंगे, जो छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। अगर आप CBSE, ICSE या किसी भी बोर्ड के छात्र हैं, तो ये टिप्स आपके लिए खास हैं।
परीक्षा पे चर्चा 2025 तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाना
#परीक्षा का समय छात्रों के लिए सबसे बड़ा तनाव होता है। PPC में PM मोदी खुद अपने अनुभव साझा करते हैं और कहते हैं, “परीक्षा जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है।” 2025 के सेशन में उन्होंने मेडिटेशन, योग और डेली रूटीन पर जोर दिया। छात्रों को बताया कि छोटे-छोटे ब्रेक लेकर माइंड को रिफ्रेश कैसे करें। फायदा? छात्रों का कॉन्फिडेंस बढ़ता है, एंग्जायटी कम होती है। सर्वे बताते हैं कि PPC देखने वाले 70% छात्रों ने तनाव में 30% कमी महसूस की। यह फायदा खासकर 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए गोल्डन है।

स्मार्ट स्टडी टेक्नीक्स और टाइम मैनेजमेंट सीखना
PPC सिर्फ बातें नहीं, प्रैक्टिकल टिप्स देता है। 2025 में मोदी जी ने “स्मार्ट स्टडी” पर फोकस किया – जैसे, सिलेबस को छोटे चंक्स में बांटना, डेली टारगेट सेट करना और रिवीजन के लिए माइंड मैप्स बनाना। उदाहरण: “एक घंटे पढ़ाई के बाद 5 मिनट वॉक करें।” छात्रों को बताया कि परीक्षा में 80% सिलेबस से 90% क्वेश्चन आते हैं, इसलिए स्मार्ट प्लानिंग जरूरी। फायदा? छात्रों की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है, मार्क्स में सुधार होता है। हजारों छात्रों ने शेयर किया कि PPC के बाद उनका टाइम टेबल 2 गुना प्रभावी हो गया।
प्रेरणा और मोटिवेशन का इंजेक्शन
कई छात्र सोचते हैं, “मैं तो फेल हो जाऊंगा।” PPC इन नकारात्मक विचारों को दूर करता है। PM मोदी सफलता की कहानियां सुनाते हैं – जैसे, कैसे असफलताएं सीढ़ियां बनती हैं। 2025 सेशन में एक छात्र के सवाल पर उन्होंने कहा, “अगर थॉमस एडिसन 1000 बार फेल हुए, तो आप 1-2 में हार मानें?” फायदा? छात्रों में सेल्फ-मोटिवेशन आता है। अभिभावक भी सीखते हैं कि दबाव न डालें, सपोर्ट करें। रिजल्ट? PPC के बाद छात्रों की मोटिवेशन लेवल 50% ऊपर चढ़ गई, जैसा कि फीडबैक में दर्ज है।
अभिभावकों और शिक्षकों के साथ बेहतर कम्युनिकेशन
- PPC सिर्फ छात्रों के लिए नहीं, बल्कि पैरेंट्स और टीचर्स के लिए भी है।
- 2025 में एक स्पेशल सेशन में मोदी जी ने कहा, “अभिभावक परीक्षा को जंग न बनाएं
- बल्कि जश्न मनाएं।” टिप्स जैसे – बच्चों को स्पेस दें, उनकी तारीफ करें। फायदा?
- घर-स्कूल का तालमेल मजबूत होता है। छात्रों ने बताया कि PPC देखने के बाद पैरेंट्स का एटीट्यूड चेंज हो गया
- जिससे पढ़ाई का माहौल पॉजिटिव हो गया। यह फायदा लॉन्ग टर्म में छात्रों के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए जरूरी है।
डिजिटल लर्निंग और टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल
- आज का जमाना डिजिटल है। PPC छात्रों को बताता है कि YouTube, ऐप्स और ऑनलाइन
- रिसोर्सेज कैसे यूज करें। 2025 में PM ने DIKSHA ऐप और e-पाठशाला की तारीफ की। फायदा?
- छात्रों को फ्री रिसोर्सेज मिलते हैं, जो महंगे कोचिंग की जरूरत कम करते हैं।
- ग्रामीण छात्रों के लिए यह क्रांति है। सर्वे में 60% छात्रों ने कहा कि PPC ने उन्हें टेक-सेवी बनाया, जिससे पढ़ाई आसान हो गई।
समग्र विकास और लाइफ स्किल्स का निर्माण
- PPC परीक्षा से आगे सोचता है। मोदी जी खेल, हॉबीज और सोशल स्किल्स पर जोर देते हैं।
- 2025 सेशन में कहा, “पढ़ाई के साथ-साथ चरित्र निर्माण जरूरी।” फायदा?
- छात्र सिर्फ मार्क्स नहीं, बल्कि लाइफ स्किल्स सीखते हैं – जैसे, टीमवर्क, प्रॉब्लम सॉल्विंग।
- यह उन्हें फ्यूचर चैलेंजेस के लिए तैयार करता है। छात्रों ने शेयर किया कि PPC ने उन्हें बैलेंस्ड लाइफ सिखाई।
PPC – छात्रों की सच्ची परीक्षा का साथी
- परीक्षा पे चर्चा 2025 ने साबित कर दिया कि यह सिर्फ एक प्रोग्राम नहीं
- बल्कि छात्रों का मेंटर है। इन 6 फायदों से तनाव कम, कॉन्फिडेंस हाई और सफलता निश्चित हो जाती है।
- अगर आप छात्र हैं, तो अगले PPC का इंतजार न करें – आज से ही इन टिप्स अपनाएं। अभिभावक और टीचर्स भी शामिल हों।












