Panchang 10 नवंबर 2025 : भारतीय संस्कृति में पंचांग का महत्व बहुत अधिक है। हर दिन के शुभ-अशुभ समय, ग्रह स्थिति, और मुहूर्त को जानना जीवन के विभिन्न कार्यों में सफलता और समृद्धि लाने के लिए जरूरी माना जाता है। 10 नवंबर 2025, सोमवार के दिन का पंचांग जानना हर त्योहार, पूजा, यात्रा, या कोई भी शुभ कार्य करने वालों के लिए अहम होगा।
10 नवंबर 2025 का पंचांग सारांश
- तिथि: दसवीं (दशमी) कार्तिक मास शुक्ल पक्ष
- वार: सोमवार
- नक्षत्र: रोहिणी नक्षत्र
- योग: वैधृति योग
- करण: चतुष्पाद
- मास: कार्तिक मास
- सूर्योदय का समय: लगभग 6:20 बजे सुबह
- सूर्यास्त समय: लगभग 5:30 बजे शाम

राहुकाल का समय
राहुकाल को अशुभ माना जाता है और इस समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य जैसे शुभ मुहूर्त का शुभारंभ, ग्रह-शांति, विवाह या अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने से बचना चाहिए। 10 नवंबर 2025 के लिए राहुकाल सुबह से ही शुरू होगा, जो लगभग सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक रहेगा। इस समय में किसी भी जरूरी कार्य से बचना उत्तम रहेगा।
सोमवार के शुभ मुहूर्त
सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन शिवजी के कई शुभ मुहूर्त होते हैं जिनमें पूजा, हवन, या किसी भी आध्यात्मिक कार्य की शुरुआत की जा सकती है। 10 नवंबर 2025 को दोपहर 12:15 बजे से 1:45 बजे तक का मुहूर्त विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस समय किसी भी शुभ कार्य की योजना बनाना अत्यंत फलदायक होगा।
अशुभ मुहूर्त और सावधानियां!
राहुकाल के अलावा, अन्य अशुभ मुहूर्त भी पूरे दिन में आते हैं जो किसी भी काम के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते। 10 नवंबर के दिन गुडिका, यमघंटी जैसे मुहूर्त भी अशुभ माने जाते हैं। इस दिन यात्रा, नया कार्य शुरू करना या निवेश करने में सावधानी रखें। ज्योतिष के अनुसार, ऐसे समय में शुभ कार्य स्थगित करना ही बेहतर होता है।
नक्षत्र और कार्तिक माह का महत्व
- 10 नवंबर को रोहिणी नक्षत्र है, जो कि शुभ और समृद्धि लाने वाला नक्षत्र माना जाता है।
- इस नक्षत्र में यज्ञ, विवाह, नए कार्य आरंभ करने को समर्थ माना गया है।
- इसके अधिक लाभ के लिए भगवान शुक्र देव की पूजा की जा सकती है।
कार्तिक मास का शुक्ल पक्ष एक पवित्र काल है जिसे धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष उपवासों के लिए शुभ माना जाता है। इस मास में किए गए सभी पावन कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है।
दैनिक पंचांग का महत्व और उपयोग
पंचांग हमें दिनचर्या में सही समय के चुनाव की जानकारी देता है। चाहे विवाह हो, गृह प्रवेश या नौकरी शुरू करना, पंचांग के अनुसार कार्य करना सफलता और सौभाग्य को बढ़ाता है। इसके अलावा, राहुकाल, गुलिक, यमघंटी जैसे समय से बचने से जीवन में परेशानियों को टाला जा सकता है।












