ओडिशा उद्योग परियोजनाएं : ओडिशा सरकार ने राज्य के उद्योग और अवसंरचना विकास को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के वन विभाग को 32 प्राथमिक परियोजनाओं के लिए वन प्रवर्तनीयता (Forest Diversion) की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रिलायंस जियो, भारतीय रेलवे और अन्य बड़े औद्योगिक तथा खनन परियोजनाएं शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रक्रियात्मक विलंबों को कम कर समय पर परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है।
वन विभाग को फास्ट-ट्रैक मंजूरी देने का निर्देशन
ओडिशा सरकार ने तीसरे समन्वय समिति की बैठक के बाद वन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह वन प्रवर्तनीयता के लिए प्रक्रिया को त्वरित रूप से पूरा करे। विभागीय स्तर पर साइट निरीक्षण, भूमि की पहचान और मुआवजे हेतु वनीकरण की व्यवस्था को नियमित और शीघ्र करने की बात कही गई है। साथ ही जन सुनवाई सहित कानूनी आवश्यकताओं को बिना विलंब के समाप्त करने का निर्देश भी सरकार द्वारा दिया गया है ताकि प्रस्ताव प्रारंभिक चरणों में लटक न जाएं।

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि व्यापक पैमाने पर चल रही परियोजनाओं में प्रशासकीय अड़चनों को हटाकर उच्च स्तरीय मंजूरियां तेजी से प्राप्त हो सकेंगी। विशेषकर जो परियोजनाएं बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश से जुड़ी हैं, उनकी प्रक्रिया में तेजी लाना आवश्यक है।
32 प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, खनन कंपनियों और निजी क्षेत्र की 32 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिनमे NHAI के मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना, भारतीय रेलवे के प्रोजेक्ट, ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण तथा राजधानी क्षेत्र के रिंग रोड निर्माण कार्य शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त BSNL और Reliance Jio Infocom Limited के टेलीकॉम नेटवर्क विस्तार के तहत ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और टावर स्थापना जैसे प्रोजेक्टों की भी प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कई ऐसे कार्यों में स्थानीय स्तर पर समन्वय से पहले से ही उल्लेखनीय प्रगति हो चुकी है।
अवसंरचना व खनन विकास
- बैठक में ODTCL की ट्रांसमिशन लाइन, भारत भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की खनन गतिविधियों
- व महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं जैसे कटाक-कंदरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग सेक्शन
- पर काम की प्रगति का जायजा भी लिया गया। कई परियोजनाएं पहले वन मंजूरी के बगैर
- अटकी हुई थीं, जिन्हें प्राथमिकता से हल करने का प्रयास किया जा रहा है।
- खनन क्षेत्र में इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड, टाटा, भूषण, दलमिया, रुंगटा, अदानी, वेदांता
- ट्रस्टलाइन माइनिंग, और अखरकाटा खानों को लेकर भी अपडेट साझा किए गए।
- अधिकारियों ने बताया कि खनन से जुड़ी कई परियोजनाएं
- केंद्रीय सरकार की मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं, और जल्द ही संपन्न होंगी।
लंबित परियोजनाओं पर अंतिम मंजूरी
विशेष रूप से दलमिया के कोटमेटा लाइमस्टोन माइन, वेदांता के सिजिमाली बॉक्साइट माइन, रुंगटा के केदेसला और केंडुडीही नॉर्थ आयरन ओर माइन, टाटा के गांधल्पाड़ा आयरन ओर माइन, और कसवी के धोळतापाहर आयरन ओर माइन जैसी परियोजनाएं अंतिम मंजूरी के लिए बनी हुई हैं।
विकास को मिलेगी मजबूती, रोजगार के नए अवसर
- वन विभाग की फास्ट-ट्रैक मंजूरी से इन परियोजनाओं का शीघ्र कार्यान्वयन संभव होगा
- जिससे ओडिशा में उद्योग और खनिज क्षेत्र को नई गति मिलेगी। यह न केवल राज्य की आर्थिक
- वृद्धि में मदद करेगा, बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार सृजन का भी माध्यम बनेगा। विशेष रूप से ग्रामीण
- और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।












