न्यूकैसल vs टोटेनहैम : प्रिमियर लीग 2025-26 सीजन का एक और रोमांचक मुकाबला! सेंट जेम्स पार्क में न्यूकैसल यूनाइटेड और टोटेनहैम हॉटस्पर के बीच खेला गया मैच 2-2 से ड्रॉ रहा, लेकिन असली चर्चा छिड़ी आखिरी मिनटों में मिली उस विवादास्पद पेनल्टी पर। टोटेनहैम के मैनेजर थॉमस फ्रैंक ने VAR के फैसले को “बिल्कुल गलत” और “हद नरम बताते हुए खुलकर आलोचना की।
मैच का पूरा रोमांच – मिनट दर मिनट

- पहला हाफ दोनों टीमों ने सतर्कता से खेला।
- दूसरा हाफ शुरू होते ही गोलों की बौछार।
- न्यूकैसल ने हार्वी बार्न्स के शानदार गोल से बढ़त बनाई।
- टोटेनहैम ने डेंजुमा के गोल से बराबरी की।
- 86वें मिनट में कॉर्नर के दौरान डैन बर्न और रोड्रिगो बेंटानकुर के बीच टकराव।
- रेफरी ने पहले पेनल्टी नहीं दी, लेकिन VAR ने मॉनिटर पर भेजा।
- अंततः पेनल्टी दे दी गई → एंथनी गॉर्डन ने गोल किया → न्यूकैसल 2-1 से आगे।
- इंजरी टाइम के 90+5वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो की अविश्वसनीय ओवरहेड किक → 2-2!
थॉमस फ्रैंक का गुस्सा क्यों फूटा?
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ब्रेंटफोर्ड मैनेजर थॉमस फ्रैंक (जो स्टूडियो में कमेंट्री कर रहे थे) भड़क गए:
“यह VAR का बेहद खराब और नरम फैसला था। ऑन-फील्ड रेफरी ने बिल्कुल सही निर्णय लिया था। VAR को तभी दखल देना चाहिए जब स्पष्ट और साफ गलती हो। यह पेनल्टी कभी नहीं थी।”
पूर्व रेफरी और पंडित भी बंटे हुए हैं। कुछ का कहना है कि बेंटानकुर बॉल की ओर नहीं देख रहा था और होल्डिंग कर रहा था, जबकि ज्यादातर का मानना है कि ऐसा हर कॉर्नर पर होता है – अगर हर बार पेनल्टी दी जाएगी तो मैच का मजा किरकिरा हो जाएगा।
एडी हॉवे ने किया VAR का बचाव
न्यूकैसल मैनेजर एडी हॉवे ने कहा:
“मैंने दोबारा क्लिप देखी। बेंटानकुर पूरी तरह डैन बर्न पर फोकस था, बॉल पर नहीं। मेरे हिसाब से सही पेनल्टी थी।”
इस मैच से क्या सीख मिली?
- VAR अभी भी 100% सटीक नहीं है।
- सॉफ्ट पेनल्टी से मैच का नतीजा बदल सकता है।
- प्रिमियर लीग में कंसिस्टेंसी की सख्त जरूरत है।












