मोना सिंह : बॉलीवुड और भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उम्र को लेकर लंबे समय से डबल स्टैंडर्ड की चर्चा होती रही है। अब अभिनेत्री मोना सिंह ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में 60 साल के पुरुष अभी भी रोमांटिक हीरो के किरदार निभाते हैं, लेकिन महिलाओं को ऐसा मौका नहीं मिलता। मोना ने इसे “महिलाओं की एक्सपायरी डेट” बताते हुए इसे बहुत बुरी बात करार दिया। यह बयान पीटीआई से बातचीत में आया, जहां मोना ने अपनी कॉन्फिडेंस और करियर के बारे में भी खुलासा किया।
मोना सिंह का करियर: टीवी से ओटीटी तक मजबूत पकड़
#मोना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की थी, जहां जस्सी जेसी कोई नहीं जैसे सीरियल से उन्हें पहचान मिली। आज वे बड़े पर्दे और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी दमदार अभिनय कर रही हैं। वे हर तरह के किरदार निभाती हैं – चाहे वह युवा एक्टर की मां का रोल हो या कोई सेंट्रल कैरेक्टर। मोना ने कहा, “मुझे अपनी ऑनस्क्रीन उम्र से कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि मैं कॉन्फिडेंट हूं और मुझे पता है मैं कौन हूं। किसी को कुछ प्रूव करने की जरूरत नहीं है इसलिए मैं रिस्क लेती रहती हूं।”

वे आगे बोलीं, “लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि आप स्क्रीन में बूढ़ी का रोल क्यों प्ले करती हो? मैं बोलती हूं मुझे फर्क नहीं पड़ता। ये किरदार है जो मैं प्ले कर रही हूं और इससे मुझे एक्साइटमेंट मिलती है।” मोना ने माना कि बड़ी उम्र की महिलाओं को सेंट्रल किरदार मिलने पर लोग सवाल खड़े करते हैं, लेकिन वे इससे प्रभावित नहीं होतीं।
बॉलीवुड में डबल स्टैंडर्ड: महिलाओं की एक्सपायरी डेट
मोना सिंह ने इंडस्ट्री के इस दोहरे मापदंड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यही एक ऐसी इंडस्ट्री है जहां महिलाओं की एक्सपायरी डेट होती है और ये काफी बुरी बात है। वहीं आदमी जो 60 साल के होते हैं वो रोमांटिक किरदार निभाते हैं, लेकिन महिला नहीं। लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मैं वो करना नहीं चाहती हूं।”
- यह बयान बॉलीवुड में उम्र के आधार पर भेदभाव को उजागर करता है। कई बार देखा गया है
- कि 50-60 साल के अभिनेता युवा हीरोइनों के साथ रोमांटिक सीन करते हैं
- लेकिन महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता। मोना ने इसे स्पष्ट रूप से गलत बताया और कहा
- कि महिलाओं को उम्र के आधार पर सीमित कर दिया जाता है।
ओटीटी ने बदली तस्वीर मोना खुश
- मोना ने ओटीटी को महिलाओं के लिए बेहतर मंच बताया। उन्होंने कहा कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म
- पर 40+ उम्र की महिलाओं को लीड रोल मिल रहे हैं, जो पहले दुर्लभ था। मोना ने कोहरा सीजन 2 में
- अपनी एंट्री पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “मैं काफी खुशनसीब हूं कि मैं कोहरा के दूसरे पार्ट का हिस्सा हूं।
- मैं कोहरा 2 की बड़ी फैन थी। मैं यही सोचती थी कि मैं क्यों इसके पहले पार्ट में नहीं थी।”
मोना सिंह का संदेश: कॉन्फिडेंस और रिस्क लेना जरूरी
मोना सिंह का पूरा बयान महिलाओं को प्रेरित करने वाला है। वे कहती हैं कि कॉन्फिडेंस रखें, रिस्क लें और किरदार से एक्साइटमेंट लें। उम्र को लेकर इंडस्ट्री के डबल स्टैंडर्ड पर सवाल उठाना जरूरी है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से इससे प्रभावित न हों। मोना जैसे अभिनेत्रियां जो विविध रोल निभाती हैं, वे इंडस्ट्री में बदलाव ला रही हैं।
Read More : Galaxy S26 सीरीज में सैटेलाइट कॉलिंग! US FCC लिस्टिंग से खुलासा, भारत में कब?












