मीशो शेयर प्राइस : ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो के शेयरों ने दिसंबर 2025 में शानदार लिस्टिंग के बाद रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन अब तेज गिरावट का सामना कर रहे हैं। 23 दिसंबर 2025 को शेयर 21.3% गिरकर ₹185.25 पर बंद हुए जबकि तीन ट्रेडिंग सेशन में कुल 21% की गिरावट दर्ज हुई। IPO प्राइस ₹111 से लिस्टिंग पर 46% प्रीमियम (₹162) के साथ डेब्यू किया था और कुछ दिनों में 110% तक उछाल आया। लेकिन अब प्रॉफिट बुकिंग और अन्य कारणों से गिरावट आई है। इस ब्लॉग में हम मीशो IPO परफॉर्मेंस, गिरावट के कारण, एनालिस्ट व्यू और निवेशकों के लिए सलाह पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मीशो शेयर प्राइस मीशो IPO की शानदार शुरुआत
#मीशो का IPO दिसंबर 2025 में ₹5,421 करोड़ का था, जो 79 गुना सब्सक्राइब हुआ। इश्यू प्राइस ₹111 था और 10 दिसंबर को NSE पर ₹162.50 पर लिस्टिंग हुई – 46% प्रीमियम। पहले सेशन में ही क्लोजिंग ₹170 के करीब रही। इसके बाद 7 ट्रेडिंग सेशन में शेयर 110% चढ़कर ₹235.50 तक पहुंच गए। इस रैली से निवेशकों को ₹50,000 करोड़ से ज्यादा की वेल्थ क्रिएट हुई और मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ के करीब पहुंची। मीशो का एसेट-लाइट मॉडल, जीरो कमीशन और टियर-2/3 शहरों में मजबूत पकड़ ने निवेशकों को आकर्षित किया।

तीन दिनों में 21% गिरावट: क्या हैं मुख्य कारण?
18 दिसंबर को पीक ₹235.50 के बाद शेयरों में तेज बिकवाली शुरू हुई:
- 19 दिसंबर: 4.7% गिरावट
- 20 दिसंबर: 10% लोअर सर्किट
- 23 दिसंबर: 8.3% इंट्राडे गिरावट, क्लोजिंग ₹185.25
मुख्य कारण:
- प्रॉफिट बुकिंग: तेज रैली के बाद निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं।
- लो फ्री-फ्लोट: सिर्फ 6% फ्री-फ्लोट होने से वोलेटिलिटी बढ़ी।
- शॉर्ट स्क्वीज और ऑक्शन: रैली में शॉर्ट सेलर्स ट्रैप हुए, 1 करोड़ से ज्यादा शेयर ऑक्शन में गए।
- वैल्यूएशन और प्रॉफिटेबिलिटी चिंताएं: तेज उछाल से वैल्यूएशन हाई हो गई, जबकि प्रॉफिटेबिलिटी अभी इवॉल्विंग स्टेज में है।
- मार्केट सेंटिमेंट: नए-age स्टॉक्स में सिलेक्टिव अप्रोच, ग्रोथ क्वालिटी पर फोकस।
Groww जैसे अन्य IPO में भी इसी तरह की वोलेटिलिटी देखी गई।
एनालिस्ट क्या कह रहे हैं?
ब्रोकरेज फर्म्स लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव हैं:
- UBS: ‘Buy’ रेटिंग, टारगेट ₹220। एसेट-लाइट मॉडल, नेगेटिव वर्किंग कैपिटल और कैश फ्लो जनरेशन की तारीफ। FY25-30 में NMV 30% CAGR ग्रोथ की उम्मीद, यूजर्स 199 मिलियन से 518 मिलियन तक।
- Choice Institutional Equities: टारगेट ₹200 (IPO से 80% अपसाइड)। जीरो-कमीशन प्लेटफॉर्म से टियर-2/3 यूजर्स में मोनेटाइजेशन पोटेंशियल।
- अन्य: गिरावट से कोर इन्वेस्टमेंट थीसिस नहीं बदलती। हाई एंगेजमेंट और यूनिट इकोनॉमिक्स मजबूत।
शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी रहेगी, लेकिन लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी इंटैक्ट है।
निवेशकों के लिए क्या सलाह?
अगर आप मीशो IPO में अलॉटमेंट पाए थे, तो प्रॉफिट बुकिंग का ऑप्शन देखें। नए निवेशक डिप पर एंट्री ले सकते हैं, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट जरूरी। कंपनी का फोकस मास-मार्केट, लो-AOV और लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन पर है, जो फ्यूचर ग्रोथ ड्राइवर बनेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शिक्षण उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है। कोई निवेश सलाह नहीं। अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श लें।
गिरावट अस्थायी, लॉन्ग टर्म पोटेंशियल मजबूत
मीशो शेयरों की 21% गिरावट पोस्ट-IPO रैली के बाद नॉर्मल करेक्शन लग रही है। प्रॉफिट बुकिंग और लो फ्लोट मुख्य ट्रिगर हैं, लेकिन एनालिस्ट्स लॉन्ग टर्म में बुलिश हैं। ई-कॉमर्स सेक्टर में मीशो की पोजीशन मजबूत है। निवेशक मार्केट सेंटिमेंट और अगले रिजल्ट्स पर नजर रखें। 2026 में बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद!












