MCX silver price crash : 13 दिसंबर 2025 – कमोडिटी मार्केट में निवेशकों के लिए बड़ा झटका! चांदी की कीमतें रिकॉर्ड हाई लेवल ₹2 लाख प्रति किलो को पार करने के बाद अचानक धड़ाम से गिरीं। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, एक ही झटके में चांदी करीब 8800 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशक हैरान हैं। आइए समझते हैं कि चांदी की कीमत में यह अचानक गिरावट क्यों आई और आगे क्या हो सकता है।
चांदी की कीमत में कितनी गिरावट आई?
हाल ही में चांदी ने ₹2 लाख प्रति किलो का लेवल छुआ था, जो 2025 का रिकॉर्ड हाई था। लेकिन अब तेज प्रॉफिट बुकिंग और ग्लोबल संकेतों के कारण कीमतें तेजी से नीचे आईं। MCX पर मार्च डिलीवरी चांदी के भाव में हजारों रुपये की गिरावट देखी गई। दिसंबर महीने में यह गिरावट और तेज हुई, जहां एक सेशन में ही 8800 रुपये तक की सस्ताई दर्ज की गई। सोने की तुलना में चांदी ज्यादा वोलेटाइल रही, जबकि गोल्ड प्राइस स्थिर या हल्की बढ़त पर बने हुए हैं।

अचानक गिरावट की मुख्य वजहें क्या हैं?
- 2025 में चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची थीं, मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल डिमांड
- सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की वजह से। लेकिन अब गिरावट के कई कारण सामने आ रहे हैं:
- प्रॉफिट बुकिंग: निवेशकों ने हाई लेवल पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी।
- US फेड रेट कट का असर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 25 बेसिस पॉइंट रेट कट और आगे कट की उम्मीद से डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ, लेकिन कमोडिटी में करेक्शन आया।
- ग्लोबल सप्लाई टाइट लेकिन डिमांड अनिश्चित: इंडस्ट्रियल डिमांड रिकॉर्ड पर थी, लेकिन आर्थिक अनिश्चितता और टैरिफ पॉलिसी से मंदी के संकेत।
- भारतीय मार्केट स्पेसिफिक: त्योहारों के बाद डिमांड कम, इंपोर्ट ड्यूटी और रुपया-डॉलर उतार-चढ़ाव।
- स्ट्रॉन्ग डॉलर का उल्टा असर: कुछ मामलों में मजबूत डॉलर से प्रेशर।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह करेक्शन नॉर्मल है, क्योंकि चांदी 2025 में 70% तक उछली थी।
सोने से तुलना और आगे का अनुमान
- सोना जहां स्थिर या ऊपर की ओर है (करीब ₹1,32,000 प्रति 10 ग्राम), चांदी में ज्यादा गिरावट आई।
- गोल्ड-सिल्वर रेशियो 80 से ऊपर है, जो चांदी को अंडरवैल्यूड दिखाता है। कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं
- कि यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका है, क्योंकि 2026 में चांदी फिर बुलिश हो सकती है।
- सपोर्ट लेवल टूटने पर और गिरावट संभव, लेकिन लॉन्ग टर्म में इंडस्ट्रियल यूज से रिकवरी की उम्मीद।












