सामूहिक विवाह फर्जीवाड़ा बरेली में सीएम सामूहिक विवाह योजना में फर्जी आवेदन और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां शादीशुदा महिलाओं ने दोबारा शादी की। अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, और बायोमैट्रिक सत्यापन समेत कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
सामूहिक विवाह फर्जीवाड़ा सीएम सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा शादीशुदा महिलाएं दोबारा शादी करती हुईं पकड़ी गईं, अधिकारी जांच में जुटे
बरेली में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। लगभग 2000 आवेदन में से 1000 से अधिक फर्जी पाए गए। कई शादीशुदा महिलाएं दोबारा शादी करने के लिए योजना का गलत फायदा उठा रही थीं। समाज कल्याण विभाग ने सत्यापन के लिए जोरदार जांच शुरू कर दी है, जिसमें घर-घर जाकर पड़ोसियों से भी जानकारी ली जा रही है।
बरेली में सामूहिक विवाह योजना में फर्जी आवेदन का भंडाफोड़

बरेली में सामूहिक विवाह योजना के तहत करीब 2000 आवेदनों की जांच में 1000 से अधिक फर्जी आवेदन पकड़े गए हैं। शादीशुदा महिलाओं ने फर्जी तरीके से दोबारा शादी की, जिससे अधिकारियों में गंभीर हड़कंप मचा है। सत्यापन के लिए घर-घर जाकर पड़ोसियों से भी जानकारी ली गई।
सामूहिक विवाह योजना में बायोमीट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता
धोखाधड़ी रोकने के लिए अब दूल्हा-दुल्हन का आधार कार्ड से बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया जाएगा। इसमें फिंगरप्रिंट और चेहरे की स्कैनिंग होगी, तभी विवाह संपन्न किया जाएगा। यह कदम योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए है।
फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अधिकारियों की सख्त कार्रवाई
फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद समाज कल्याण विभाग ने अपात्र आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिए हैं। जांच जारी है और कई अन्य फर्जी मामले भी सामने आ सकते हैं। अधिकारियों में सक्रियता के साथ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
सामूहिक विवाह योजना में बढ़ी लागत और नई नीतियां
योजना में प्रति जोड़े की लागत 51 हजार से बढ़कर 1 लाख कर दी गई है,
जिसमें 60 हजार रुपये दुल्हन के खाते में डाले जाएंगे। इसके साथ ही नए
आवेदनों की मांग की जा रही है और पात्र आवेदकों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने पर जोर है।
यूपी के अन्य जिलों में सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े के मामले
बलिया में भी सामूहिक विवाह योजना में फर्जी शादी का बड़ा मामला
सामने आया था जहां दलालों की मिलीभगत से 240 से ज्यादा फर्जी
शादियां कराई गईं। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और दोषियों को गिरफ्तार किया गया।
समाज कल्याण विभाग की कोशिशें और योजना की व्यवस्था
समाज कल्याण विभाग ने शादी से पहले फिंगरप्रिंट और चेहरे की
पहचान प्रणाली लागू करके योजना को पारदर्शी बनाया है।
यह व्यवस्था काफी मददगार साबित हो रही है और योजना का दुरुपयोग कम हो रहा है।
सामूहिक विवाह योजना के लाभ और चुनौतियां
योजना के तहत गरीब वर्ग की बेटियों की शादी को प्रोत्साहन मिलता है
लेकिन फर्जीवाड़े की घटनाएं योजना की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रही हैं।
कड़े नियम और तकनीकी सत्यापन से सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।












