चांदी की मार्केट वैल्यू : 4.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंची एप्पल को पीछे छोड़ा, अब NVIDIA से सिर्फ 8.1% पीछे!2025 के अंत में कमोडिटी मार्केट में सबसे बड़ा सरप्राइज आया है। चांदी (सिल्वर) ने अपनी मार्केट कैपिटलाइजेशन को $4.220 ट्रिलियन तक पहुंचा दिया है, जिससे यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल एसेट्स की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गई है। कंपनियांमार्केटकैप.कॉम के डेटा के अनुसार, चांदी ने टेक दिग्गज एप्पल (Apple) और अल्फाबेट (Alphabet) को पीछे छोड़ दिया है और अब NVIDIA से महज 8.1% पीछे है। NVIDIA की मार्केट कैप $4.592 ट्रिलियन है, जबकि सोना (गोल्ड) अभी भी टॉप पर है $31.598 ट्रिलियन वैल्यू के साथ।
चांदी की मार्केट वैल्यू चांदी की मार्केट कैप में ऐतिहासिक उछाल
दिसंबर 2025 तक चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड ब्रेकिंग रैली देखने को मिली है। कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर $75 प्रति औंस को पार कर नया हाई बना चुका है। भारत में MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स इंट्राडे में ₹2,33,115 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए, जो ऑल टाइम हाई है। पिछले एक साल में भारतीय मार्केट में चांदी की कीमतें 153% तक बढ़ी हैं – दिसंबर 2024 में ₹91,600 से बढ़कर दिसंबर 2025 में ₹2,31,879 हो गईं। वहीं, सोने की कीमतें इसी अवधि में करीब 80% बढ़ीं (₹77,460 से ₹1,39,233 प्रति 10 ग्राम)।

यह उछाल चांदी को दुनिया की तीसरी सबसे वैल्यूएबल एसेट बना चुका है। गोल्ड पहले नंबर पर, NVIDIA दूसरे पर, और अब चांदी तीसरे स्थान पर काबिज है।
क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमतें इतनी तेजी से?
चांदी की इस रैली के पीछे कई कारण हैं:
- इंडस्ट्रियल डिमांड: चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और 5G टेक्नोलॉजी में बढ़ रहा है। ग्लोबल ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन से डिमांड बूस्ट हो रही है।
- सप्लाई चेन इश्यूज: प्रमुख उत्पादक देशों जैसे पेरू, मेक्सिको और चीन में माइनिंग प्रोडक्शन में दिक्कतें आई हैं।
- इन्वेस्टमेंट डिमांड: इन्फ्लेशन हेज और सेफ हेवन एसेट के रूप में निवेशक चांदी की ओर मुड़ रहे हैं।
- ETF इनफ्लोज भी रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
- ग्लोबल मार्केट डिस्टॉर्शन: कॉमेक्स और शंघाई एक्सचेंज के बीच प्राइस गैप
- सामान्य $1 से बढ़कर $7 तक पहुंच गया, जो आर्बिट्राज और स्पेकुलेशन को बढ़ावा दे रहा है।
भारत में चांदी के निवेशकों के लिए क्या मतलब?
- भारतीय निवेशकों के लिए यह खबर बेहद पॉजिटिव है। MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स में भारी तेजी
- से ट्रेडर्स और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को अच्छा रिटर्न मिला है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन
- (IBJA) के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता का कहना है कि अगर यह मोमेंटम जारी रहा तो
- चांदी जल्द ही NVIDIA को भी पीछे छोड़कर दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल एसेट बन सकती है।
ज्वेलरी और इंडस्ट्रियल यूज के अलावा चांदी अब पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन का मजबूत ऑप्शन बन गई है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि सोने के साथ चांदी में भी निवेश बढ़ाएं, क्योंकि इसका रिस्क-रिवार्ड रेशियो अभी आकर्षक है।
आगे क्या हो सकता है?
- अगर चांदी की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं तो 2026 में यह NVIDIA को ओवरटेक कर सकती है।
- हालांकि, मार्केट वोलेटाइल है – सप्लाई बढ़ने या डिमांड कम होने पर करेक्शन भी आ सकता है।
- निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें और अपना रिस्क प्रोफाइल चेक करें।
चांदी की यह रैली साबित करती है कि ट्रेडिशनल कमोडिटी अभी भी टेक स्टॉक्स को चैलेंज कर सकती हैं। 2025 का यह सरप्राइज निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रहा है – क्या कमोडिटी का दौर फिर लौट रहा है?












