मल्लिकार्जुन खरगे RSS बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि ‘RSS पर लगे बैन’ वही देश में हर फसाद की जड़ है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा 1948 में संघ पर लगाए प्रतिबंध का हवाला देते हुए, कानून-व्यवस्था की समस्याओं के लिए RSS को जिम्मेदार ठहराया है। उनका यह बयान देश की राजनीति में विवाद का विषय बना हुआ है।
मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान: RSS पर प्रतिबंध आवश्यक, देश की बढ़ती फसाद की जड़ बताया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि देश में कानून-व्यवस्था की ज्यादातर समस्याएं और फसाद भाजपा और RSS के कारण पैदा हो रहे हैं। खरगे ने देश के पहले उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के उस पत्र का हवाला दिया, जिसमें पटेल ने कहा था कि RSS के कारण माहौल ऐसा बन गया था कि महात्मा गांधी की हत्या जैसी त्रासदी संभव हो पाई।
मल्लिकार्जुन खरगे का आरएसएस पर प्रतिबंध की मांग

इस पोस्ट में खरगे के उस बयान का वर्णन होगा जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि देश में कानून-व्यवस्था की ज्यादातर समस्याओं की जड़ आरएसएस और भाजपा हैं। वे सरदार वल्लभभाई पटेल के आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का हवाला देते हैं और वर्तमान में आरएसएस के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हैं।
खरगे का पटेल और महात्मा गांधी के हवाले से आरएसएस आलोचना
इस पोस्ट में बताया जाएगा कि कैसे खरगे ने सरदार पटेल की जयंती के मौके पर महात्मा गांधी की हत्या के बाद पटेल द्वारा आरएसएस की आलोचना और उसपर प्रतिबंध लगाने की बात को याद दिलाया। साथ ही गांधी हत्या जैसे गंभीर घटनाओं में आरएसएस की भूमिका पर उनके नजरिये को समझाया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विवाद
इस लेख में भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर फोकस होगा, जिसमें खरगे के बयान को भाजपा ने कैसे गलत ठहराया और कांग्रेस के अंदर भी इस बयान को लेकर मतभेद कैसे हैं, यह बताया जाएगा। साथ ही भाजपा के आरोप कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए इस मुद्दे को इस्तेमाल कर रही है।
कानून व्यवस्था और आरएसएस की भूमिका
इस पोस्ट में देश में बढ़ती कानून व्यवस्था की समस्याओं को लेकर खरगे के
विचारों को विस्तार से समझाया जाएगा कि क्यों वे मानते हैं
कि आरएसएस और भाजपा के कारण देश में हिंसक घटनाएं और फसाद बढ़ रहे हैं।
यहां उन नियमों और अधिनियमों पर भी चर्चा होगी
जो पहले आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के लिए इस्तेमाल हुए थे।
भाजपा की जवाबी कार्रवाई और केंद्र सरकार की स्थिति
इस पोस्ट में बीजेपी के संगठनों द्वारा खरगे के बयान पर कड़ी
प्रतिक्रिया और उनके तर्कों को समझाया जाएगा। साथ ही
मोदी सरकार की आरएसएस के प्रति नीति और हालिया संशोधनों के बारे में बताया जाएगा
जो सरकारी कर्मचारियों को आरएसएस कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देते हैं।
कांग्रेस के अंदर मतभेद और भविष्य की संभावनाएं
इस पोस्ट में कांग्रेस के अंदर आरएसएस प्रतिबंध के मुद्दे पर चल रहे
मतभेदों और इस मुद्दे की राजनीतिक संभावनाओं की चर्चा होगी।
साथ ही पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेतृत्व के इस मुद्दे पर विरोधाभासी रुख को भी बताया जाएगा।
समाज में आरएसएस प्रतिबंध पर आम राय और प्रभाव
यह लेख आम जनता, विश्लेषकों और समाजिक संगठनों की
प्रतिक्रिया और आरएसएस प्रतिबंध के प्रभावों का विश्लेषण करेगा।
साथ ही इस मुद्दे की दूरगामी राजनीतिक और सामाजिक संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।












