मध्य प्रदेश : सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए मेडिकल रीइम्बर्समेंट की नई पॉलिसी जारी की है। अब गंभीर बीमारियों के इलाज पर ₹5 लाख तक की सीमा तय की गई है, जबकि अति गंभीर मामलों में यह सीमा ₹10 लाख तक बढ़ाई जा सकती है। यह फैसला भोपाल से लेकर पूरे राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा है।
क्या है नई मेडिकल रीइम्बर्समेंट पॉलिसी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने 2025 में इस नियम को मंजूरी दी। मुख्य बिंदु:

- सामान्य गंभीर बीमारियां: इलाज पर अधिकतम ₹5 लाख तक का खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
- अति गंभीर बीमारियां (जैसे कैंसर, हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, न्यूरो सर्जरी आदि): ₹10 लाख तक की सीमा।
- आउटडोर ट्रीटमेंट: ₹5 लाख की सीमा में शामिल।
- इनडोर ट्रीटमेंट: अस्पताल में भर्ती होने पर पूरी राशि।
- पेंशनर्स: सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके आश्रित भी इस योजना के हकदार।
- नकद रहित इलाज: CGHS और राज्य सरकार के पैनल में शामिल अस्पतालों में कैशलेस सुविधा।
किन बीमारियों पर लागू होगी ज्यादा सीमा?
- कैंसर का इलाज (कीमोथेरेपी, रेडिएशन, सर्जरी)
- हार्ट बाईपास, एंजियोप्लास्टी
- किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस
- लीवर ट्रांसप्लांट
- न्यूरोलॉजिकल सर्जरी
- बर्न केस और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर
पुरानी व्यवस्था vs नई व्यवस्था
| पैरामीटर | पुरानी सीमा | नई सीमा (2025) |
|---|---|---|
| सामान्य गंभीर बीमारी | ₹2-3 लाख | ₹5 लाख |
| अति गंभीर बीमारी | ₹5 लाख तक | ₹10 लाख तक |
| पेंशनर्स के लिए | सीमित | समान सुविधा |
| कैशलेस सुविधा | सीमित अस्पताल | ज्यादा अस्पताल |
कर्मचारियों को क्या फायदा?
- आर्थिक बोझ कम: पहले कई कर्मचारियों को लाखों रुपये खुद खर्च करने पड़ते थे। अब सरकार ज्यादा सपोर्ट करेगी।
- बेहतर इलाज: सरकारी कर्मचारी अब प्राइवेट अस्पतालों में भी बेहतर इलाज ले सकेंगे।
- पारदर्शिता: पॉलिसी के नियम स्पष्ट, जिससे क्लेम जल्दी पास होंगे।
- परिवार की सुरक्षा: कर्मचारी की मौत होने पर परिवार को भी लाभ।
कैबिनेट के अन्य फैसले
इस मीटिंग में कैबिनेट ने कई अन्य निर्णय भी लिए:
- सरकारी स्कूलों में नई भर्तियां
- किसानों के लिए फसल बीमा में बदलाव
- स्वास्थ्य विभाग में नए उपकरणों की खरीद
कैसे मिलेगा लाभ?
- सरकारी कर्मचारी अपने विभाग के मेडिकल ऑफिसर से संपर्क करें।
- इलाज के बाद बिल और डॉक्टर रिपोर्ट जमा करें।
- CGHS/राज्य स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन ट्रैकिंग।
- पैनल में शामिल अस्पतालों में कैशलेस इलाज।
विशेषज्ञों की राय
डॉक्टरों और कर्मचारी यूनियनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह पॉलिसी समय की मांग थी। महंगाई और मेडिकल खर्च के बढ़ते दबाव में कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मध्य प्रदेश सरकार की यह नई मेडिकल रीइम्बर्समेंट पॉलिसी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा कदम है। ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की सीमा से लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अगर आप सरकारी कर्मचारी या पेंशनर हैं, तो इस योजना का पूरा लाभ उठाएं और अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें।












