LIVE पॉलिटिकल अपडेट : बिहार की राजनीति में एक बार फिर से बड़ा मोड़ आया है। जदयू के विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक बार फिर से विधायक दल का नेता चुना है। इस चुनाव के साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी तेजी पकड़ चुकी है। भाजपा के विधायकों की बैठक भी जारी है, जहां विधायक दल के नेता चुनने की प्रक्रिया चल रही है। नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का कार्यक्रम अगले दिन यानी गुरुवार सुबह 11:30 बजे पटना के गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा।
नीतीश कुमार का विधायक दल नेता चयन
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए गठबंधन ने दो-तिहाई से अधिक सीटों पर जीत हासिल की है। जदयू के 89 विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना है। यह नीतीश कुमार का दसवां कार्यकाल होगा, जो बिहार की राजनीति में उनकी स्थिरता और मजबूत पकड़ को दर्शाता है। जदयू विधायकों की यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हुई और इसमें केंद्रीय पर्यवेक्षकों के मार्गदर्शन में यह फैसला लिया गया।

भाजपा विधायक दल की बैठक
- जदयू के बाद भाजपा विधायक दल की बैठक भी जारी है, जिसमें भाजपा विधायकों के नेता का चुनाव किया जाएगा।
- भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं विधायकों के बीच व्यापक चर्चा हो रही है, ताकि गठबंधन में संतुलन बना रहे
- और सरकार सुचारू रूप से चल सके। भाजपा की ओर से यह भी कहा गया है
- कि विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा के पास रहेगा और शायद वरिष्ठतम विधायक प्रेम कुमार को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
नई सरकार की तैयारियाँ
एनडीए की आगामी सरकार के मंत्रीगण भी तय होने लगे हैं। शपथ ग्रहण समारोह एक भव्य कार्यक्रम के रूप में आयोजित होगा जिसमें देश के कई उच्च पदस्थ नेता शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। गांधी मैदान में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नीतीश कुमार ने खुद कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया है।
राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति
- नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह बिहार की दसवीं बार सरकार होगी और यह एनडीए गठबंधन की आठवीं सरकार होगी।
- पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजनीति में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन इस बार सरकार गठन शांति
- और मजबूती का संदेश लेकर आई है। एनडीए की जीत से यह साफ हो गया है कि जनता ने विकास और
- स्थिरता को महत्व दिया है। आगामी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देगी।












