लेह समग्र शिक्षा कार्यशाला : लेह जोनल एजुकेशन ऑफिसर द्वारा 26 नवंबर 2025 को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMCs) और स्कूल मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कमेटी (SMDCs) को मजबूत करने के लिए एक व्यापक कार्यशाला और समीक्षा बैठक का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा (समग्र शिक्षा) अभियान और पीएम पोषण (PM Poshan) के तहत सामाजिक ऑडिट पर केंद्रित था। इस आयोजन में स्कूल गवर्नेंस को सशक्त बनाने, समुदाय भागीदारी बढ़ाने और शिक्षा सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला के प्रमुख अतिथि और उनका योगदान
कार्यक्रम में स्कूल एजुकेशन की वर्थी सेक्रेटरी बानू प्रभा आईएएस, वर्थी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ताशी डोलमा, चीफ एजुकेशन ऑफिसर लेह डेल्डन अंग모 और जोनल एजुकेशन ऑफिसर लेह पद्मा डेचेन की उपस्थिति रही। इनकी मौजूदगी ने प्रशासन की शिक्षा क्षेत्र में मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाया। सुबह सत्र की शुरुआत जोनल एजुकेशन ऑफिसर के स्वागत भाषण से हुई, उसके बाद ZEPO लेह, ZRP और पीएम पोषण इनचार्ज ने केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इनमें आवर्ती और गैर-आवर्ती ग्रांट्स शामिल थे।

स्कूल कमेटियों की प्रस्तुतियां और चर्चा
विभिन्न स्कूलों की SMCs और SMDCs ने अपनी संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रस्तुतियां दीं और चर्चा की। इन मुद्दों को सेक्रेटरी, डायरेक्टर और CEO लेह द्वारा गंभीरता से नोट किया गया। अतिथियों ने जोर दिया कि स्कूल कमेटियों को सशक्त करने से सीखने के परिणाम बेहतर होते हैं, स्कूल वातावरण सुधरता है और समुदाय का विश्वास बढ़ता है। उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के प्रयासों पर भी बल दिया।
समग्र शिक्षा और पीएम पोषण योजनाओं का महत्व
- समग्र शिक्षा योजना 2021-22 से 2025-26 तक विस्तारित है, जो प्री-स्कूल से सीनियर सेकेंडरी तक गुणवत्तापूर्ण
- शिक्षा सुनिश्चित करती है। यह SDG-4.1 के अनुरूप है, जो 2030 तक सभी बच्चों को समान शिक्षा प्रदान
- करने का लक्ष्य रखती है। पीएम पोषण योजना (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) के तहत 11.20 करोड़ बच्चों
- को गर्म भोजन दिया जाता है, जो पोषण और स्कूल उपस्थिति बढ़ाने में सहायक है। बजट 2025 में समग्र शिक्षा
- को 41,250 करोड़ और पीएम पोषण को 12,500 करोड़ आवंटित किए गए, जो पिछले वर्ष से अधिक है।
- ये योजनाएं स्कूल कमेटियों के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करती हैं।
शिक्षा में समुदाय भागीदारी के फायदे
SMCs और SMDCs स्कूल प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की भूमिका निभाते हैं, जो पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाते हैं। लेह जैसे क्षेत्र में ये कमेटियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, जहां चुनौतियां अधिक हैं। कार्यशाला ने सामाजिक ऑडिट पर फोकस किया, जो पीएम पोषण के तहत ग्रांट्स के सही उपयोग को सुनिश्चित करता है। इससे बेहतर लर्निंग आउटकम्स, स्वच्छ स्कूल वातावरण और बढ़ता नामांकन संभव होता है। प्रशासन ने कमेटियों को और सक्रिय बनाने के निर्देश दिए।
कार्यशाला का समापन और आगे की दिशा
कार्यशाला जोनल एजुकेशन ऑफिसर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ समाप्त हुई, जिसमें सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन लेह जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। समग्र शिक्षा और पीएम पोषण जैसी योजनाओं से लद्दाख के बच्चों को मजबूत भविष्य मिलेगा। भविष्य में ऐसी और कार्यशालाओं से स्कूल गवर्नेंस मजबूत होगा।
शिक्षा कार्यकर्ताओं और अभिभावकों के लिए सुझाव:
- SMCs में सक्रिय भागीदारी करें।
- नामांकन बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
- ग्रांट्स के पारदर्शी उपयोग पर नजर रखें।












