लेटेस्ट गोल्ड न्यूज : सोने में निवेश का क्रेज इन दिनों चरम पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में भारत के गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में शुद्ध निवेश 2.49 अरब डॉलर पहुंच गया। यह दिसंबर 2025 के 1.25 अरब डॉलर से 98 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी है। यह लगातार आठवां महीना है जब भारत में गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा है। दुनिया भर में भी यह ट्रेंड दिख रहा है, जहां लोग सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं।
भारत में गोल्ड ETF का बढ़ता क्रेज
2025 पूरा साल गोल्ड ETF के लिए रिकॉर्ड वाला रहा। पूरे साल में कुल 4.68 अरब डॉलर का निवेश आया, जो 2024 के 1.29 अरब डॉलर से 262 प्रतिशत अधिक है। 2023 में यह आंकड़ा सिर्फ 310 मिलियन डॉलर और 2022 में महज 33 मिलियन डॉलर था। जनवरी 2026 की 98% उछाल इस बात का सबूत है कि भारतीय निवेशक अब पारंपरिक सोना (जैसे ज्वेलरी) से ज्यादा डिजिटल गोल्ड यानी ETF की ओर रुख कर रहे हैं।

गोल्ड ETF क्या है? यह स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाला फंड है जो फिजिकल गोल्ड में निवेश करता है। इसमें आपको असली सोना खरीदने, स्टोर करने या मेकिंग चार्ज देने की जरूरत नहीं पड़ती। SIP के जरिए भी छोटी रकम से निवेश शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि शेयर बाजार की अनिश्चितता, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव के बीच लोग इसे पसंद कर रहे हैं।
वैश्विक स्तर पर रिकॉर्ड निवेश
- दुनिया भर में जनवरी 2026 में गोल्ड ETF में 19 अरब डॉलर का निवेश आया
- जो अब तक का सबसे मजबूत मासिक फंड फ्लो है। इससे वैश्विक गोल्ड ETF की प्रबंधन
- अधीन संपत्ति (AUM) रिकॉर्ड 669 अरब डॉलर पर पहुंच गई, जो पिछले महीने से 20% अधिक है।
- सोने की होल्डिंग भी 120 टन बढ़कर 4,145 टन हो गई। सोने की
- कीमतों में 14% की बढ़ोतरी ने भी निवेशकों को आकर्षित किया।
एशिया में जनवरी में 10 अरब डॉलर का निवेश आया, जो क्षेत्र के लिए अब तक का सबसे बड़ा मासिक फ्लो है। लगातार पांचवें महीने एशिया में बढ़त दर्ज हुई। उत्तरी अमेरिका में दूसरा सबसे ऊंचा फ्लो और यूरोप में भी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद अच्छा प्रवाह देखा गया।
निवेश बढ़ने के प्रमुख कारण
- भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान, ग्रीनलैंड और यूरोप के कुछ हिस्सों में बढ़ते विवाद।
- फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें, नए फेड चेयर की नियुक्ति पर अनिश्चितता।
- महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता: सोना सुरक्षित निवेश (safe-haven) के रूप में चमका।
- कीमतों में गिरावट पर भी खरीदारी: जनवरी के अंत में कीमतें घटीं, लेकिन निवेशक गिरावट में खरीदते रहे।
- भारत में भी यही ट्रेंड है। 2025 में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं
- लेकिन निवेश मांग मजबूत रही। ETF ने ज्वेलरी की मंदी की भरपाई की।
भविष्य में क्या संभावनाएं?
- विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में भी गोल्ड ETF में निवेश का सिलसिला जारी रह सकता है।
- सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि केंद्रीय बैंक खरीदारी, कम यील्ड
- और सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है। भारत में गोल्ड ETF अब पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।
- अगर आप भी सोच रहे हैं तो SIP से शुरू करें – कम जोखिम, आसान ट्रेडिंग और कोई स्टोरेज की टेंशन नहीं।
सोना अब डिजिटल हो गया!
गोल्ड ETF ने सोने को आम आदमी की पहुंच में ला दिया है। 98% की उछाल सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि निवेशकों की बदलती सोच का प्रमाण है। दुनिया भर में लोग इस ‘डिजिटल सोने’ में पैसा लगा रहे हैं – क्या आप तैयार हैं?












