कमला पसंद केस : कमला पसंद पान मसाला कंपनी के मालिक कमल किशोर चौरसिया की बहू दीप्ति चौरसिया ने दिल्ली के वसंत विहार में 25 नवंबर 2025 को खुदकुशी कर ली। यह घटना पान मसाला उद्योग से जुड़ी बड़ी दुखद खबर बन गई है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें दीप्ति ने किसी भी व्यक्ति या परिवार के सदस्य पर सीधे आरोप नहीं लगाए, लेकिन लिखा है कि “प्यार नहीं, भरोसा नहीं, तो जीने की कोई वजह नहीं”। इस लिखावट ने जांचकर्ताओं और परिवार दोनों को सोच में डाल दिया है कि अभी परिस्थितियां क्या थीं और आत्महत्या के पीछे क्या कारण थे।
कहानी का पूरा हाल
दीप्ति की शादी 2010 में कमल किशोर के बेटे हरप्रीत चौरसिया से हुई थी, जो परिवार के परंपरागत कारोबार पान मसाला से जुड़े हैं। इस दंपति का एक 14 साल का बेटा भी है। दीप्ति का स्वभाव शांत और संयमित बताया गया है। परिवार और आसपास के लोगों के अनुसार, दीप्ति सामाजिक रूप से सक्रिय थीं और बच्चों की परवरिश में पूर्ण रूप से लगी रहती थीं।

- मौके पर मिले सुसाइड नोट में दीप्ति ने भावनात्मक हालत का ज़िक्र किया है। नोट में कहा गया
- कि प्यार और भरोसे के बिना जीवन अधूरा है और जीने का कोई मकसद नहीं बचता। यह न केवल एक आंतरिक
- पीड़ा का इंगित करता है बल्कि पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं का भी संकेत देता है।
जांच में सामने आए तथ्य
पुलिस के अनुसार, अभी तक सुसाइड के किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं हो पाई है। घरेलू कलह या प्रताड़ना से संबंधित कोई सीधा सबूत नहीं मिला है, लेकिन परिजन परिवारिक तनाव को आत्महत्या का श्रेय दे रहे हैं। कुछ सूत्रों ने बताया है कि पति पर दूसरी शादी करने का आरोप है, जिससे दीप्ति मानसिक रूप से परेशान थीं।
- दिल्ली पुलिस ने धारा 194 बीएनएस (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामले की जांच शुरू की है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है और जांच के दौरान मृतका के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, डिजिटल फुटप्रिंट्स की
- भी समीक्षा की जा रही है। पुलिस ने परिवार के दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं ताकि पूरी गुत्थी सुलझाई जा सके।
कमला पसंद पान मसाला व्यवसाय के पीछे परिवार
- कमला पसंद और राजश्री पान मसाला ब्रांड का स्वामित्व करीब पांच दशक पुराना है
- और यह परिवार दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है। कमल किशोर चौरसिया ने अपनी शुरुआत
- एक छोटी गुमटी से पान मसाला के कारोबारी के रूप में की थी, जो अब अरबों रुपये का टर्नओवर करती है।
- ऐसे प्रतिष्ठित परिवार में इस तरह का सदमा सभी के लिए आघातकारी है।
मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू तनाव पर विचार
- दीप्ति के सुसाइड नोट ने एक बार फिर परिवार विशेष कर महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू तनाव के
- विषय को सामने ला दिया है। प्यार और भरोसे की कमी को जीवन में सबसे बड़ी पीड़ा बताया गया है
- जो इस घटना की संवेदनशीलता को दर्शाता है। सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ घर के
- माहौल में भी सकारात्मकता लाने की आवश्यकता इस मामले से स्पष्ट होती है।












